खुद खेतों की मिट्टी के नमूने लेकर पहुंच रहे हैं प्रयोगशाला
हर सीजन में करीब 100 किसान मिट्टी के नमूने कर रहे इकट्ठा
मिट्टी के सैंपल की जांच के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड को किसानों तक भेजने की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। खेतों की मिट्टी की जांच के लिए जिले के किसान सजग हो रहे हैं। पहले जहां कृषि विभाग के कर्मी खेतों में जाकर मिट्टी के नमूने लेते थे, अब किसान स्वयं भी मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला पहुंच रहे हैं। हर सीजन में करीब 100 किसान मिट्टी के नमूने इकट्ठे कर रहे हैं। इन नमूनों को जांच प्रयोगशाला में पहुंचाया जा रहा है। यहां पर मिट्टी की सेहत के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्य के जरिये किसानों को मिट्टी की सेहत की जानकारी दी जाती है। कृषि विभाग को हर वर्ष मिट्टी की जांच का लक्ष्य दिया जाता है। इस लक्ष्य प्राप्ति के लिए कृषि विभाग के कर्मी खेतों में जाते हैं तथा वहां की मिट्टी के नमूनों की जांच करते हैं। मिट्टी में जिन तत्वों की कमी होती, उसकी जानकारी सहित सलाह मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी जाती है। जब से किसान स्वयं मिट्टी के नमूने ले रहे हैं तो लक्ष्य से अधिक मिट्टी के नमूने इकट्ठे हो रहे हैं। जिले में इस वर्ष के लिए करीब 5550 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीफ सीजन में 2775 किसानों के खेतों की मिट्टी के सैंपल की जांच की जा चुकी है। मिट्टी के सैंपल की जांच के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड को किसानों तक भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डाॅ. शशि पाल अत्री ने कहा कि अब जिले का किसान खुद मिट्टी की जांच के लिए उत्सुक रहता है। रबी और खरीफ सीजन में दर्जनों किसानों की ओर से खुद एकत्रित मिट्टी के सैंपल विभाग को दिए हैं। खरीफ सीजन में 2775 किसानों के खेतों की मिट्टी के सैंपल की जांच की जा चुकी है। मिट्टी के अंदर नाइट्रोजन, फाॅस्फोरस और पोटेशियम की मात्रा की जांच की जाती है। उसके बाद कार्ड में मिट्टी के स्वास्थ्य स्थिति का जिक्र किया जाता है।