डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मरीजों को पेश आ रहीं दिक्कतें
आपातकाल में आते हैैं तुरंत प्रभाव से इलाज की आवश्यकता होने वाले मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में अब आपातकाल में आए मरीजों को भी आगे की तिथियां दी जा रही हैं। बुधवार को आपातकाल वार्ड में एक महिला आई। इसे आपातकाल वार्ड के चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पर्ची पर लिखा। जब 51 वर्षीय महिला को रेडियोलॉजी भवन में पहुंचाया जाता है तो वहां पर महिला की पर्ची पर अल्ट्रासाउंड के लिए 13 अप्रैल का समय लिख दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर आपातकाल में आए मरीजों को भी इलाज नहीं मिलेगा तो रूटीन ओपीडी में आने वाले मरीजों को कितनी मुश्किल होती है। जिन मरीजों को तुरंत प्रभाव से इलाज की आवश्यकता होती है उन्हें आपातकाल में ले जाया जाता है। महिला बुधवार यानी 10 अप्रैल को अस्पताल आईं और अल्ट्रासाउंड की तारीख 13 अप्रैल का दे दी गई। रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की कमी भी नहीं है। ऐसे में आपातकाल के मरीजों को दो दिन बाद का समय दिए जाने के निर्णय पर सवाल उठ रहा है। मेडिकल काॅलेज के रेडियोलॉजी विभाग में अधिकतर मशीनें खराब हैं। अस्पताल में मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। रेडियोलॉजी विभाग में एक्सरे भी नहीं हो रहे। मरीज बाहर महंगे दामों पर एक्सरे करवाने के लिए मजबूर हैं। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि इमरजेंसी में आए मरीजों को भी कई बार अल्ट्रासाउंड की उतनी आवश्यकता नहीं होती। चिकित्सक मरीज देख लेते हैं, उसके बाद कार्य करते हैं। इस महिला को कोई बीमारी नहीं लिखी थी। महज अल्ट्रासाउंड ही लिखा था।