जाहू में लगा सोलर पावर प्लांट।
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भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के जाहू गांव के आरपी सुमन पुत्र जगरनाथ ने जाहू में प्रदेश का पहला सोलर पावर प्लांट लगाकर युवाओं को स्वावलंबी बनने और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। यही नहीं प्रदेश बिजली बोर्ड को बिजली भी उपलब्ध करवा रहे हैं और बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। आरपी सुमन ने आठवीं तक की पढ़ाई मुंडखर से पूरी की और आगामी शिक्षा भरेड़ी में प्राप्त की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिलनाडु से करने के बाद शुरुआती दिनों में परवाणू में नौकरी की। इसके बाद उन्होंने डेनमार्क में एक विंड पावर प्रोजेक्ट की कंपनी में एक साल ट्रेनिंग की।
1986 से 2002 तक डेनमार्क में ही नौकरी करने के बाद कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट पद पर रहते हुए नौकरी छोड़ दी। उन्होंने पुणे महाराष्ट्र में अपनी कंपनी शुरू की और वहां पर विंड पावर प्रोजेक्ट लगाया, लेकिन सुमन हिमाचल में अपना काम शुरू करना चाहते थे। उन्होंने बिलासपुर में घागस धार पर विंड पावर प्लांट लगाने के लिए सर्वे भी करवाया, लेकिन वहां स्थान उपयुक्त नहीं पाया गया। उसके बाद सुमन ने अपनी जन्म भूमि जाहू में मुंडखर के किसानों की बंजर भूमि और खड्ड के साथ लगती करीब 400 कनाल भूमि पर किसानों से मिलकर सोलर पावर प्लांट का काम शुरू किया।
हिमाचल प्रदेश का पहला सोलर पावर प्लांट जाहू में स्थापित किया। जाहू अब सौर ऊर्जा का हब बन गया है। सुमन ने सोलर पावर प्लांट को धीरे धीरे बढ़ाया और अब इस प्लांट में 7.50 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। कुछ ही महीनों में यहां एक मेगावाट का एक और प्लांट चालू होने वाला है। सुमन ने यहां पर 30 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया है। वहीं, पर किसानों की बंजर भूमि को लीज पर लेकर उन्हें फायदा दिया है। 7.50 मेगावाट बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड को भी दे रहे हैं। इससे सब डिवीजन जाहू, भरेड़ी आदि में दिन के समय बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रोजेक्ट मैनेजर शशि ठाकुर ने बताया कि कुछ माह बाद एक मेगावाट का एक और सोलर पावर प्लांट चालू हो जाएगा। वहीं, बिजली बोर्ड जाहू के सहायक अभियंता संजय कुमार ने बताया कि दिन के समय जाहू स्थित इस सोलर पावर प्लांट से स्थानीय क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जा रही है।