हमीरपुर। भंग कर्मचारी चयन आयोग के तहत सामने आए पेपर लीक मामले में प्रदेश के हजारों बेरोजगारों का रोजगार जांच में उलझ गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद पेपर लीक के चलते कर्मचारी चयन आयोग को सरकार ने भंग कर दिया लेकिन अभी तक नवगठित हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग से एक भी भर्ती प्रक्रिया मुकम्मल नहीं हो सकी है। अभी तक पायलट आधार पर आयोजित हो रही ओटीए भर्ती के अभ्यर्थियों को कॉल लेटर का इंतजार है।
दो माह पूर्व धर्मशाला में कैबिनेट बैठक में ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) की भर्ती को पायलट आधार पर ऑनलाइन मोड पर पूरा करने का निर्णय लिया गया था। तीन माह के भीतर इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक ओटीए के 162 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। भंग आयोग में इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 1862 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था लेकिन अभी तक पात्रों की छंटनी नहीं हुई है। नवगठित आयोग इस कार्य को पूरा करने में जुटा है। निजी कंपनी के माध्यम से इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इस भर्ती के संबंध में पात्र अभ्यर्थियों की सूची राज्य चयन आयोग की ओर से एडसिल कंपनी को सौंपी जाएगी। उसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दिसंबर 2023 में पेपर लीक प्रकरण सामने आया था। इस मामले में एक के बाद एक कई एफआईआर दर्ज की गई है। इन एफआईआर में विभिन्न पोस्ट कोड के तहत भर्ती परीक्षाओं के पर्चे लीक होने की पुष्टि हुई है। अभी तक 13 एफआईआर दर्ज हुई हैं। मुख्य आरोपी उमा आजाद, पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक के बाद एक कई नए खुलासे तो हो रहे हैं लेकिन कई भर्तियों के नतीजे लटकने के साथ नई भर्तियां शुरू न होने से युवाओं के सब्र का बांध भी टूट रहा है। पायलट आधार पर आयोजित हो रही भर्ती भी निर्धारित समय में पूरा होती नहीं दिख रही है। दो माह से अधिक का समय बीतने पर ओटीए के अभ्यर्थियों को अपनी तक लिखित परीक्षा के लिए कॉल लेटर का इंतजार है।
कोट
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के मुख्य प्रशासक आरके पुरुथी ने कहा कि ओटीए की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इस भर्ती को पूरा कर लिया जाएगा। ऑनलाइन मोड में पायलट आधार पर यह भर्ती हो रही है।