चुनाव जीतने के बाद एसडीएम से सर्टिफिकेट प्राप्त करते सुरेश कुमार।
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हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र भोरंज से कांग्रेस को लंबे समय के बाद जीत का स्वाद चखने को मिला है। कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. अनिल धीमान को 60 मतों के अंतर से पराजित किया। सुरेश कुमार को 25,779 मत मिले, जबकि भाजपा के डॉ. अनिल धीमान को 24,719 मत मिले। भोरंज को भाजपा का सबसे मजबूत किला माना जाता था, क्योंकि भाजपा इस सीट से लगातार सात विधानसभा और एक उपचुनाव जीत चुकी है। भाजपा के 35 साल पुराने इस गढ़ को इस बार कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश कुमार ने ध्वस्त कर दिया।
इस सीट पर वर्ष 1990 से लेकर वर्ष 2016 तक भाजपा से पूर्व मंत्री स्वर्गीय ईश्वर दास धीमान लगातार छह बार विधायक और दो बार प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहे। नवंबर 2016 में उनके निधन के बाद अप्रैल 2017 में हुए उपचुनाव में उनके पुत्र डॉ. अनिल धीमान भाजपा से विधायक बने। दिसंबर 2017 से 2022 तक यहां से डॉ. धीमान का टिकट काटकर कमलेश कुमारी को दिया गया और वह चुनाव जीत गईं। इस बार भाजपा ने मौजूदा विधायक कमलेश कुमारी का टिकट काटकर फिर से डॉ. अनिल धीमान को दे दिया। भाजपा की गुटबाजी और धीमान परिवार के विरोध के चलते भाजपा यह सीट गंवा बैठी। वहीं खास बात यह है कि कांग्रेस से चुनाव जीतने वाले सुरेश कुमार पूर्व में तीन बार चुनाव हार चुके हैं। सुरेश कुमार पहली बार वर्ष 2003, दूसरी बार वर्ष 2008, तीसरी बार वर्ष 2017 में विधानसभा का चुनाव इस सीट से हार चुके हैं। इस बार उन्होंने भाजपा से यह सीट हथियाकर कांग्रेस की झोली में डाली है तो वहीं भाजपा को इस सीट को हारने से काफी नुकसान हुआ है क्योंकि खास बात यह है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का भोरंज गृह विधानसभा क्षेत्र है। भाजपा के यह दोनों दिग्गज भोरंज विधानसभा क्षेत्र के समीरपुर बूथ पर मतदान करते हैं।
बाक्स:
विधानसभा क्षेत्र भोरंज में किसे कितने मत मिले
पार्टी प्रत्याशी मत
कांग्रेस सुरेश कुमार 25,779
भाजपा डॉ. अनिल कुमार 24,719
बसपा जरनैल सिंह 302
आम आदमी पार्टी रजनी कौशल 463
निर्दलीय पवन कुमार 6861
नोटा 293