हमीरपुर। जिले में बारिश और भूस्खलन से नुकसान का क्रम जा रही है। जिले में आठ पशुशालाएं भूस्खलन के कारण जमींदोज हो गईं और छह कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इससे 3,30,000 रुपये का नुकसान हुआ है। नगर परिषद सुजानपुर के वार्ड नंबर एक ढांगू मोहल्ला में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। स्थानीय निवासी अनिल डोगरा के मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही उनके बगीचे में भी पहाड़ी से मलबा आने से काफी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें करीब 20 से 25 लाख का नुकसान हुआ। रंगस से बलडूहक सड़क पर पन्याला में भूस्खलन से गिरे डंगे से तीन रिहायशी मकानों के लिए भी खतरा बना हुआ है। पहले से ही भौगोलिक स्थिति की वजह से यह क्षेत्र भूस्खलन प्रभावित माना जाता है। भारी बरसात की वजह से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। उसकी वजह से यह क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। मकान मालिक सूबेदार विजय ठाकुर, राकेश ठाकुर और राजकुमार ने कहा कि पिछले दिनों अत्यधिक बारिश होने की वजह से इस क्षेत्र में काफी जगह पर भूस्खलन हुआ था, लेकिन अब अचानक मकान के साथ लगे डंगे भी गिरने लगे हैं। इसकी वजह से लाखों रुपये खर्च करके बनाए रिहायशी मकान भी खतरे से खाली नहीं है। लोक निर्माण विभाग उपमंडल नादौन के सहायक अभियंता देश राज भाटिया ने कहा कि विभाग की ओर से मौके का निरीक्षण कर लिया गया है और इसके लिए बाकायदा एस्टिमेट बनाकर भी बजट स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में है। इसलिए शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करके डंगे का निर्माण करवा दिया जाएगा। प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बारिश के कारण हुए नुकसान का हमीरपुर विधानसभा की जंगल रोपा, ब्राहलड़ी, नाल्टी, बजूरी, बाड़ी फरनोल, अणु और चमनेड़ पंचायतों के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। नवीन शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए खड़ी है और पहले भी केंद्र की टीमें आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर उचित मुआवजा सरकार को दे चुकी है।