संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में मंगलवार दोपहर को मानवता को शर्मसार करने वाला एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया। यहां उपायुक्त कार्यालय से महज 200 मीटर दूर गांधी चौक पर बारिश के दौरान एक व्यक्ति नशे में धुत होकर बीच सड़क पर लेट गया।
मूसलाधार बारिश के दौरान यह व्यक्ति दोपहर 1:45 बजे से लेकर 3:00 बजे तक सड़क पर बेसुध पड़ा रहा। इस दौरान इस मार्ग पर कई वाहनों की आवाजाही भी होती रही। वाहन के टायर के नीचे आने से कोई अनहोनी भी घट सकती थी। एक व्यक्ति ने आपातकालीन सेवाओं के लिए 108 नंबर पर फोन करके सूचना दी। इसके बाद गांधी चौक पर एंबुलेंस पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने पहले संबंधित व्यक्ति को एंबुलेंस में डाल लिया।
उसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि जब तक संबंधित व्यक्ति का कोई परिजन या अन्य सहायक नहीं मिल जाता तब तक वह इसे यहां से नहीं ले जा सकते। इस दौरान गांधी चौक पर दर्जनों लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने कहा कि बारिश के दौरान कोई भी वाहन इस नशेड़ी को कुचल सकता है, इसलिए इसे अस्पताल या अन्य किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें, लेकिन एंबुलेंस कर्मचारी व्यक्ति को एंबुलेंस से यहीं उतार कर मौके से चले गए।
एंबुलेंस कर्मियों की इस कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। व्यापार मंडल के प्रधान अनिल सोनी, उपप्रधान अश्वनी जगोता, चेयरमैन विपिन शर्मा, द उपभोक्ता संरक्षण संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा, प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट रोहित शर्मा, राजेश शर्मा, राकेश कुमार, राजीव कुमार, सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि जिस तरह बेसुध होकर नशेड़ी बारिश के दौरान बीच सड़क में पड़ा हुआ था, उस दौरान किसी वाहन के व्यक्ति के उपर चढ़ने से कोई अनहोनी भी घट सकती थी। न्यायालय के आदेश हैं कि दुर्घटना में किसी की जान बचाने वाले व्यक्ति से पुलिस कोई पूछताछ या अन्य तरह से तंग नहीं कर सकती, लेकिन दूसरी तरफ एंबुलेंस कर्मियों का इस तरह का व्यवहार निंदनीय है।
उधर, एसएचओ हमीरपुर संजीव गौतम ने कहा कि नशेड़ी व्यक्ति को 108 एंबुलेंस कर्मियों को अस्पताल पहुंचाना चाहिए था, अगर पुलिस की सहायता की आवश्यकता थी तो वह पुलिस को सूचना दे सकते थे, लेकिन इस बारे में स्वास्थ्य विभाग या एंबुलेंस कर्मचारियों की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली। इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चिकित्सकों का नहीं मिलता सहयोग : पंकज
108 एंबुलेंस के प्रभारी पंकज शर्मा ने कहा कि पूर्व में किसी घायल या नशेड़ी को अस्पताल पहुंचाने पर संबंधित अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा एंबुलेंस स्टाफ को घंटों देर तक पूछताछ के लिए या पुलिस के आने तक खड़ा रखा जाता रहा है। इससे तंग होकर अब एंबुलेंस कर्मचारी ऐसे मामलों में परहेज करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर एंबुलेंस गांधी चौक पर गई थी और नशेड़ी को एंबुलेंस से उतार कर वापस आई है तो इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एंबुलेंस कर्मियों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी।
हमीरपुर के गांधी चौक पर नशे में धुत होकर बारिश के दौरान बीच सड़क पर लेटे व्यक्ति को उठाता पुलिस जव?- फोटो : Hamirpur-HP