रंगस (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के रंगस के तहत डायरिया प्रभावित क्षेत्र में बुधवार को जलशक्ति विभाग ने अपनी पेयजल स्कीमों के जल भंडारण टैंक की क्लोरिनेशन करके इसमें पानी भर दिया है। जल भरने से पूर्व बाकायदा टैंकों में पूर्व में एकत्रित जल को सुखाया गया। उसके बाद फिर टैंकों की सुपर क्लोरिनेशन करने के बाद ही दोबारा से जल भरा गया। इससे पूर्व विभाग ने जल परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति करने के लिए क्लोरीन गैस फीडर स्थापित किए थे। 28 जनवरी 2023 को क्षेत्र में डायरिया के 1,009 मामले सामने आने के बाद जलशक्ति विभाग ने क्षेत्र के चार दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी थी। अभी विभाग टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवा रहा है। अब वीरवार को विभाग की ओर से टैंकों से क्षेत्रवासियों के नलों तक जाने वाली पाइप लाइनों की क्लोरिनेशन करने के बाद पानी की गुणवत्ता की टेस्टिंग की जाएगी। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता रविंदर इंदौरिया ने कहा कि बुधवार को जल भंडारण टैंकों की सुपर क्लोरिनेशन करने के उपरांत उनमें जल भरा गया। उन्होंने कहा कि वीरवार को टेस्टिंग के दौरान नलों में आने वाले पानी को क्षेत्रवासी उपयोग में न लाएं। विभाग की ओर से पूरी जांच करने के बाद पानी को उपयोग में लाने के आदेश जारी किए जाएंगे। पानी की गुणवत्ता जांचने के बाद ही नलों में आए पानी का जल संग्रह करें। अगर गुणवत्ता सही पाई गई तो शुक्रवार से क्षेत्र में नियमित जल आपूर्ति की जा सकती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि अपनी पानी की टंकियां अच्छे से साफ कर लें। पूर्व में टंकियों में एकत्रित किए जल को खाली करके ही पानी की टंकियों में जल संग्रह करें।