धनेटा(हमीरपुर)। ग्राम पंचायत बेहरड़ के अंतर्गत गांव जनसूह के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 35 वर्ष पहले ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने के लिए तीन कनाल भूमि दान दी। लेकिन आज तक उस जमीन में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं हो पाया। वहीं, वर्ष, 2008 में तत्कालीन जिला परिषद सदस्य देवराज शर्मा ने उपरली सुकड्याह से जनसूह के लिए कच्ची सड़क का निर्माण जिला परिषद निधि से करवाया। लेकिन आज तक यह सड़क भी पक्की नहीं हो पाई। पूर्व सरकार के समय इस सड़क को उपरली सुकड्या से जनसूह होते हुए मांजरा गांव में मिलाने का काम शुरू हुआ और बीच में एक बड़ा पुल भी बनाया गया। परंतु पिछले कुछ माह से इस सड़क के निर्माण का कार्य भी ठप पड़ा है।
स्थानीय ग्रामीणों कैप्टन जगदीश चंद, रामदास, नरेश कुमार, रमेश चंद, रामकिशन, देशराज, सुरिंद्र कुमार, जुगल किशोर और सतीश कुमार आदि ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी गांववासियों को पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कैप्टन जगदीश चंद ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग के साथ गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र बारे पत्राचार किया था तो तीन वर्ष पूर्व सीएमओ हमीरपुर ने उन्हें आश्वत किया था कि जल्दी ही वहां पर स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन का निर्माण किया जाएगा। लेकिन आज दिन तक यह स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं बन पाया।
उन्होंने कहा कि अब नई सरकार से उम्मीद है कि गांव जनसूह के लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर गांव में पक्की सड़क और स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा। वहीं इस बारे पंचायत समिति के अध्यक्ष कमल दत्त शर्मा ने कहा कि यह उनका गृह वार्ड है और वार्ड की समस्याओं को सुलझाने का प्रयत्न कर रहे हैं। जल्दी ही जनसूह गांव के लोगों को सड़क और उप स्वास्थ्य केंद्र बना कर दिया जाएगा।