भोरंज (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज के गायनी विभाग के चिकित्सकों ने गर्भवती महिला और नवजात को बचाने में सफलता हासिल की है। शुक्रवार शाम के एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और महिला को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती किया गया। गर्भवती महिला के पेट में दोनों ही बच्चे उल्टे थे। चिकित्सकों ने कड़ी मशक्कत और कम संसाधनों के चलते रात्रि करीब अढ़ाई बजे सफल डिलीवरी करवाई लेकिन एक नवजात को नहीं बचाया जा सका। एक बच्चा महिला के पेट में ही दम तोड़ चुका था। अस्पताल के डॉक्टरों और बीएमओ भोरंज डॉ ललित कालिया ने एक बच्चे व महिला को बचाया। डॉक्टरों के कहना था कि महिला की हालत को देखकर उसे रेफर भी नहीं किया जा सकता था। अब दोनों जच्चा-बच्चा की हालत ठीक है।
सुख आश्रय कोष में एक लाख का चेक दिया
भोरंज (हमीरपुर)। अस्पताल भवन के उद्घाटन के दौरान बीएमओ भोरंज डॉ ललित कालिया ने अपनी तरफ से सुख आश्रय योजना के लिए एक लाख का चेक मुख्यमंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों के चलते रात 2.30 बजे महिला की सफल डिलीवरी करवाई गई है।