बिझड़ी में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देते चिकित्सक। संवाद
हमीरपुर। जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुधवार को चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर अपनी सेवाएं दीं और अपनी मांगें पूरी न होने पर विरोध जताया। प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन इकाई हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. सुरिंद्र डोगरा ने कहा कि मेडिकल एसोसिएशन की मांगों को प्रदेश सरकार ने अनदेखा किया है। इससे जन स्वास्थ्य सेवकों के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंची है। सरकार ने उनके नॉन प्रैक्टिस अलाउंस को बंद कर दिया है। 3 जून 2023 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने मांगों को लेकर मीटिंग की थी लेकिन आज तक उन मांगों को पूरा नहीं किया गया। इससे एसोसिएशन में रोष हैं।
इस संबंध में बुधवार को एक मीटिंग हमीरपुर मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. सुरेंद्र सिंह डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें फिर से मांगों के लिए डिमांड चार्टर तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि पदोन्नति योग्यता एवं वरिष्ठता के आधार पर की जाए। सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पदोन्नति न दी जाए। ऐसा करना प्रदेश के बेरोजगार युवा चिकित्सकों के हित में नहीं है। कार्यक्रम अधिकारी के पदों पर एमबीबीएस कैडर से ही चिकित्सा अधिकारियों को लगाया जाए। दंत चिकित्सा अधिकारियों के कार्यक्रम अधिकारी के रूप में अलग से पदों को स्वीकृति दी जाए। एनपीए को पुन: लागू किया जाए। विशेषज्ञों चिकित्सकों का वेतन घटाकर 33,660 कर दिया गया है जबकि अधिसूचना के तहत न्यूनतम देय 40, 392 तय हुआ था। एनपीए को भविष्य में चिकित्सकों की नियुक्ति के समय पुन: लागू किया जाए। स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निदेशक, उप स्वास्थ्य निदेशक और खंड चिकित्सा अधिकारियों के विभिन्न पद रिक्त चल रहे हैं। इन पदों पर पदोन्नति योग्यता एवं वरिष्ठता के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तब तक विरोध जारी रहेगा। डाॅ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने कहा कि स्टेट एसोसिएशन के साथ मिलकर आगे के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा।