निर्धारित तकनीकी मापदंडों से क्रशर की सामग्री का प्रयोग करने के निर्देश
गुणवत्ता के आधार पर निर्माण कार्य के सही न होने पर पर प्रधान और सचिवों से होगी खर्च की गई धनराशि की वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। विकासखंड अधिकारी नादौन ने सभी पंचायत प्रधानों, सचिवों को निर्देश दिए हैं कि विकासात्मक कार्यों में खड्ड और नदी के रेत, बजरी का सीधे तौर पर उपयोग न किया जाए। उन्होंने कहा कि ध्यान में आया है कि अधिकतर ग्राम पंचायतों में विकासात्मक कार्यों के चलते सीधे तौर पर खड्डों और नदियों का रेत व बजरी प्रयोग में लाया जा रहा है जो तकनीकी तौर पर गुणवत्ता में सही नहीं निकलता है। इसलिए सरकार की ओर से निर्धारित तकनीकी मापदंडों के तहत क्रशर का रेत और बजरी ही विकास कार्यों में इस्तेमाल की जाए। विकासखंड अधिकारी निशांत शर्मा ने कहा कि सभी पंचायतों को लिखित आदेश दिए गए हैं कि किसी भी विकासात्मक कार्य में खड्ड का रेत, बजरी उपयोग न करें। इसमें मिट्टी की मिलावट होने की अधिकतर संभावनाएं होती हैं। गुणवत्ता के मापदंडों पर सही न उतरने वाले कार्यों पर खर्च की गई धनराशि की वसूली नियमों के अनुसार जिम्मेवार पंचायतों से ही की जाएगी। इसलिए तकनीकी मापदंडों को ध्यान में रखते ही विकास कार्यों को पूर्ण करवाएं।