हमीरपुर। पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर जल्द ही अयोध्या और वृंदावन के लिए बस रूट चलाने जा रहा है। इसके लिए हाल ही डिपो ने डीपीआर बनाकर एचआरटीसी के महाप्रबंधक को भेजी है। पथ परिवहन निगम महाप्रबंधक से प्रस्ताव स्वीकृत होते ही इन मंदिरों के लिए बस रूट चला दिए जाएंगे। हमीरपुर डिपो 147 बस रूटों पर लोकल और लंबे रूट की बसें भेजता है।
इन तीर्थ स्थानों के दो रूट और स्वीकृत होने के बाद डिपो को और नई बसों की जरूरत रहेगी। निगम ने हाल ही में पुरानी बसों को भी कबाड़ में बेच दिया है। अगले वर्ष भी कुछ बसें स्क्रैप होकर कबाड़ में जाने वाली हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए डिपो के लिए नई बसों की जरूरत रहेगी। एचआरटीसी डिपो हमीरपुर ने नवंबर में वृंदावन और अयोध्या के लिए बस रूट चलाने के लिए प्रस्ताव महाप्रबंधक शिमला को भेजा है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद इन बस रूटों के लिए बसें चला दी जाएंगी। इससे स्थानीय यात्रियों को इन तीर्थ स्थानों में आने-जाने के लिए सुविधा रहेगी। हालांकि, इससे पहले कई बार स्थानीय लोग वृंदावन और अयोध्या के लिए बस रूट चलाने की मांग उपमंडलीय प्रबंधक के समक्ष रख चुके हैं।
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बार-बार बसें बदलने के झंझट से मिल सकेगा छुटकारा
भगवान राम और कृष्ण मंदिर के लिए पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर को सीधे बस रूट चलाने चाहिए ताकि बुजुर्गों को बार-बार बसों को बदलने के झंझट से छुटकारा मिल सके और उनका सफर सुविधाजनक हो सके।
राजकुमार स्थानीय निवासी
विशेष बसों के इंतजाम से मिलेगी मुक्ति
हमीरपुर डिपो को वृंदावन और अयोध्या के लिए सीधी बसें चलानी चाहिए ताकि स्थानीय यात्रियों को इन तीर्थ स्थानों के दर्शनों के लिए विशेष बसों का इंतजाम न करना पड़े।
ठाकुर दास स्थानीय निवासी
तीर्थ स्थानों के दर्शनों के लिए जगह-जगह ठहराव से मिलेगी मुक्ति
एचआरटीसी डिपो हमीरपुर को अयोध्या और वृंदावन के लिए सीधी बसें चलानी चाहिए ताकि लोगों को इन तीर्थ स्थानों के दर्शनों के लिए जगह-जगह ठहराव न करने पड़ें।
तारो देवी स्थानीय निवासी
वृंदावन और अयोध्या के लिए सीधी बसें चलनी चाहिएबस अड्डा हमीरपुर से वृंदावन और अयोध्या के लिए सीधी बसें चलनी चाहिए ताकि हिंदुओं के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में भगवान के दर्शन करके पुण्य कमाया जा सके।
राकेश कुमार स्थानीय निवासी
पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर के उपमंडलीय प्रबंधक राजकुमार पाठक ने बताया कि वृंदावन और अयोध्या के लिए बस रूट चलाने के लिए प्रस्ताव महाप्रबंधक शिमला को भेजा गया है। जैसे ही इन बस रूटों के लिए स्वीकृति मिलती है, इन्हेंं शुरू कर दिया जाएगा।