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Hamirpur (Himachal) News: पति की मौत की बाद हिम्मत नहीं हारी, स्वावलंबी बन दिखाई रोजगार की राह

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हमीरपुर। कड़ी मेहनत और संघर्ष से नादौन के गांव जंदली राजपूतां की अनीता कुमारी आत्मनिर्भर बन औरों को भी रोजगार की राह दिखा रहीं हैं। वह देसी चूल्हे पर बिना घी और तेल के पपीता, लौकी और आंवले की बर्फी बनाकर हर माह 30000 रुपये कमा लेतीं हैं।

एक साल पूर्व पति का देहांत हो गया है। इसके बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भर बनने के लिए मेहनत जारी रखी। स्वादिष्ट पकवान बनाकर न सिर्फ खुद स्वावलंबी बनीं बल्कि औरों को भी प्रशिक्षित कर रही हैं। महिला के बनाए पकवान लोगों को भी खूब पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की 35 महिलाओं को भी पकवान बनाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रहीं हैं।
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हमीरपुर के अलावा धर्मशाला, मंडी तथा शिमला जैसे बड़े शहरों में भी प्रदर्शनी में स्टाल के माध्यम से अपने हाथ से बनी परंपरागत मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों को सस्ते दाम पर उपलब्ध करवा चुकी हैं। मंडी में लगने वाले सारस मेले और अन्य कई जगहों पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। अनीता कुमारी ने कहा कि वह 10 वर्षों से अपने हाथों से अनेकों खाद्य पदार्थ बना रही हैं। कद्दू, पपीते, लौकी और आंवले की बर्फी बिना घी और तेल के बनाकर बेच रही हैं। इसके अलावा अनेक प्रकार के अचार व चटनी और सेवेइयां बनाती हैं। अन्य महिलाओं को भी 400 के हिसाब से दिहाड़ी देकर उनके परिवार के लिए भी रोजी-रोटी जुटाने का माध्यम बनी हैं। उन्होंने कहा कि पति के देहांत के बाद पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर है। वह राधे कृष्णा स्वयं सहायता समूह के बैनर तले स्टाल लगाती हैं। पहले कई बार बैंकों से ऋण लेकर कार्य किया। अब वह पूर्ण रूप से आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर हैं।
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