भारत-पाक मैच के धर्मशाला से कोलकाता शिफ्ट होने पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मृदुल चौक हमीरपुर में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसमें राष्ट्र स्तर के खिलाड़ियों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस मौके पर पंजाब प्रांत के प्रभारी नरेंद्र अत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने अहम के कारण शांत प्रदेश को असुरक्षित घोषित कर दिया। शहीदों की शहादत की आड़ में खेलों पर जो गंदी राजनीति वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस सरकार ने की है, उससे प्रदेश को आर्थिक रूप से करोड़ों का नुकसान हुआ है।
साथ ही, प्रदेश की छवि को भी धूमिल किया है। एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली के जेएनयू में देश के टुकड़े करने वाले और आतंकवादियों को शहीद करार देने वालों के साथ खड़े हैं। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस शहीदों की शहादत का झूठा ढिंढोरा पीट कर मैच का विरोध कर रही है।
कांग्रेस का यह दोतरफा रवैया देश और प्रदेश के लिए घातक है। एचपीसीए और अनुराग ठाकुर को लेकर प्रदेश मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का रवैया उसी समय जनता के सामने आ गया था, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रात के अंधेरे में एचपीसीए स्टेडियम पर कब्जा किया था। फिर कोर्ट से फटकार लगने के बाद कब्जा हटाया।
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता गुरदीप दुबे, राजीव शर्मा, नीरज शर्मा, अनिल परमार, नरेश कुमार, रजनीश कुमार, विक्रांत ठाकुर, विकास ठाकुर, अविनाश ठाकुर, अंकित कुमार, प्रिंस ठाकुर, सुनील शर्मा, अजय शर्मा, सुनील, कमलेश वर्मा, सुभाष ठाकुर, सुमित वर्मा, रमेश चंद, मनोज कुमार, सुरेश कुमार, विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।