हमीरपुर। भोरंज थाने में धोखाधड़ी के मामले में नामजद पश्चिम बंगाल निवासी योगेंद्र साहू की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 16 अगस्त को हमीरपुर जिला न्यायालय में सुनवाई होगी। इस मामले में शुक्रवार को हमीरपुर न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच करीब दो घंटे जोरदार बहस हुई। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश विकास भारद्वाज की अदालत ने आरोपी व्यक्ति की अंतरिम जमानत को बढ़ाते हुए 16 अगस्त को अग्रिम जमानत की तारीख मुकर्रर की है। इससे पूर्व आरोपी को 9 अगस्त से 11 अगस्त तक अंतरिम जमानत मिली थी। बचाव पक्ष की ओर से न्यायालय में बहस के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
वर्ष 2019 में भोरंज निवासी एक महिला को सरकारी नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उससे 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज हुआ था। इस घटना को लेकर पीड़ित महिला के पति ने भोरंज थाने में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस जानकारी के अनुसार हयोड़ गांव के रविंद्र कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई है कि डाडू गांव की दो महिलाओं और एक पुरुष ने उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 6 लाख रुपये ऐंठ लिए। अब उनके पैसे भी उन्हें वापस नहीं दिए जा रहे हैं। पीड़ित महिला के पति की शिकायत पर पुलिस ने पहले तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। बाद में पुलिस ने पूछताछ के दौरान सामने आए योगेंद्र साहू का नाम भी इस एफआईआर में दर्ज किया। वहीं, योगेंद्र साहू ने अपने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से पहले अंतरिम जमानत हासिल की और अब अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दी है। उधर, अधिवक्ता रोहित शर्मा ने कहा कि उनके मुवक्किल अभी अंतरिम जमानत पर है और अग्रिम जमानत पर फैसला 16 अगस्त को होना है।