नैनो फ्ल्यूड पर भी किया है शोध, ऊर्जा की बचत, कैंसर के उपचार में होता है इस्तेमाल
अध्यापक दिवस पर विशेष
हर वर्ष गरीब और मेधावी छात्रों को गणित की पुस्तकें भी करवाते हैं उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय महाविद्यालय धनेटा के प्राचार्य डाॅ. ज्ञान चंद राणा ने देश-विदेश में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। प्रोफेसर राणा के 142 शोध पत्र भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गणित विभाग में किसी भी प्रोफेसर के इतने शोध पेपर प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित नहीं हुए हैं। इनका विवरण 1768 शोधकर्ताओं ने अपने पेपरों में दिया है। इनका शोध कार्य फ्ल्यूड डायनामिक्स (द्रव गतिविज्ञान) पर आधारित है। इन्होंने नैनो फ्ल्यूड, वाल्टर्स फ्ल्यूड, रिव्लिन-एरिक्कसन फ्ल्यूड और कपल-स्ट्रेस फ्ल्यूड आदि पर काम किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों नैनो फ्ल्यूड बहुत से क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है। मोटर वाहन उद्योग, ऊर्जा की बचत, नाभिकीय रिएक्टर्स, कैंसर के उपचार, बिजली संयंत्र की कूलिंग प्रणाली, पेट्रोलियम उद्योग, न्यूक्लीयर संयंत्र की कूलिंग प्रणाली आदि में नैनो फ्ल्यूड का इस्तेमाल किया जाता है। इन सब पर शोध किए गए हैं। डॉ. राणा हर वर्ष गरीब और मेधावी छात्रों को गणित की पुस्तकें भी उपलब्ध करवाते हैं। जुलाई 2024 में इनका चयन नाइजीरिया सोसायटी ऑफ फिजिकल साइंसेज की ओर से प्रकाशित जर्नल ऑफ नाइजीरिया सोसायटी ऑफ फिजिकल साइंसेज में संपादक के रूप में हुआ। इनके शोध पत्र अमेरिका, इंग्लैंड, नीदरलैंड, रूस, जर्मनी, पोलैंड, अर्जेन्टीना, बुल्गारिया, ब्राजील, सर्बिआ, रोमानिया, मलेसिया, तुर्की, चीन, चेकोस्लोवाकिया, ईरान, इराक, सऊदी अराबिया, हंगरी तथा इटली की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। विभिन्न देशों की 45 अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के समीक्षक के रूप में भी कार्य करते हैं।