जाहू (हमीरपुर)। हमीरपुर, बड़सर, भोरंज, नादौन और सुजानपुर उपमंडलों के 11,941 लाभार्थी किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसका कारण केवाईसी न होना और अन्य खामियां दूर करना बताया जा रहा है। इन लाभार्थियों को पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की कुछ किस्तें आईं और इसके बाद बाकी किस्तें आना बंद हो गईं। इन किस्तों के बंद होने का कारण लाभार्थियों की केवाईसी का न होना था। परंतु कई किसानों को केवाईसी करवाने के बाद भी जब किस्तें नहीं आई तो पाया कि आवेदन के साथ भू-आलेख प्रक्रिया को नहीं जोड़ा गया है।
अगर लाभार्थी की भू-आलेख (लैंडसीडिंग) प्रक्रिया पूरी हो गई है और उसके बाद भी किसान सम्मान निधि बैंक में नहीं आई तो फिर बैंक खाते के साथ आधार कार्ड की केवाईसी का न होना कारण रहता है। हमीरपुर जिले में पहले तो यह आंकड़ा 25,000 से अधिक था। परंतु अभी 11,941 किसान ही रह गए हैं, जिनकी केवाईसी, लैंडसीडिंग और बैंक अकाउंट के साथ आधार कार्ड नहीं जुड़ा है। राजस्व विभाग समय-समय इन सभी कार्यों को करवाने के लिए किसानों को अवगत करवाता रहता है। परंतु इसके बावजूद भी लोग कमियों को समय पर पूरा नहीं कर रहे हैं। अगर लाभार्थियों ने 30 अक्तूबर से पहले केवाईसी, लैंडसीडिंग, बैंक अकाउंट के साथ आधार कार्ड को नहीं जोड़ा तो किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त से भी वंचित होना पड़ सकता है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थी के द्वारा अगर केवाईसी नहीं करवाई तो नजदीकी लोकमित्र में जाकर करवा सकता है। इसके अतिरिक्त लाभार्थी किसान सम्मान निधि, भूमि स्थिति और बैंक खाते से आधार का पता भी कर सकता है।
उधर, जिला राजस्व विभाग अधिकारी हमीरपुर जसपाल ने कहा कि किसान सम्मान निधि के 11,941 लाभार्थी हैं जिनके द्वारा केवाईसी और अन्य खामियों को दूर नहीं किया है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से आह्वान किया कि वह जल्द केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करे लें ताकि 15वीं किस्त समय पर मिल सके।