जिला हमीरपुर के लोग डेंगू बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बीते दो माह के भीतर दो दर्जन से अधिक मरीज क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन हैं। डेंगू बुखार के बढ़ रहे मरीजों के चलते स्वास्थ्य विभाग सचेत हो गया है। बाकायदा विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।
हालांकि प्रारंभ में डेंगू बुखार के मामले उन लोगों में पाए गए थे जो जिला हमीरपुर के स्थायी निवासी हैं, लेकिन बाहरी राज्यों या जिलों में नौकरी करते हैं। इसके बाद जिला अस्पताल में ऐसे भी रोगी आने लगे जो हमीरपुर में ही डेंगू बुखार की चपेट में आए हैं। सितंबर माह से अब तक अस्पताल में दो दर्जन से अधिक डेंगू बुखार के मरीज भर्ती हो चुके हैं, जबकि कुछेक को टांडा रेफर किया गया है। वहीं डेंगू बुखार के बढ़ रहे मरीजों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान के लिए कमर कस ली है। बाकायदा मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी संबंधित अधिकारियों को डेंगू से बचने, इसके लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने के आदेश दिए हैं।
उधर, एमएस डी. अर्चना सोनी का कहना है कि अब तक करीब दो दर्जन डेंगू बुखार के मरीज क्षेत्रीय अस्पताल में आ चुके हैं। शनिवार को भी डेंगू का एक मरीज भर्ती हुआ है।
डेंगू बुखार के लक्षण
तेज बुखार आना, बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होना, आंखों का रंग लाल होना और उल्टियां होना डेंगू बुखार के मुख्य लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण पाया जाए तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इसकी जांच करवानी चाहिए। चिकित्सकों की मानें तो डेंगू मच्छर के काटने से यह बुखार होता है। इसके लिए जरूरी है कि घर के आसपास नालियों में पानी न रुकने दें। नालियों में डीडीटी का समय पर छिड़काव करें।