अपनी बहन के घर जा रहे एक युवक को मुख्य बाजार ताल में चार लोगों ने रास्ता रोक कर पीट दिया। मौके पर बीचबचाव करने आए स्थानीय लोगों के साथ ही शरारती तत्वों ने मारपीट और हाथापाई की। पीड़ित पक्ष ने बार-बार पुलिस थाना फोन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने गाड़ी न होने का तर्क देकर मामले को टाल दिया।
12 घंटे तक कोई कार्रवाई न होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार सुबह साढ़े दस बजे ताल-टिक्कर सड़क पर चक्का जाम कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
स्थिति के तनावपूर्ण होने पर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अजय बौद्ध और तहसीलदार राजीव ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर सड़क मार्ग को बहाल करवाया।
भ्याड़ निवासी सोमदत्त मंगलवार सायं करीब सवा आठ बजे अपनी बहन के घर मोटरसाइकिल पर जा रहा था। इस दौरान अमनेड़ निवासी ब्रह्मदास और उनके तीन बेटों जोगी, हिमांशु और राजा ने रोककर सोमदत्त पर हमला बोल दिया।
इस मौके पर पास के लोगों संजय कुमार, अश्वनी कुमार, राकेश कुमार, पवन कुमार ने इन्हें छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन हमलावरों ने बीचबचाव करने वालों के साथ भी हाथापाई कर दी। इससे संजय कुमार को मामूली चोटें आई हैं। इसकी शिकायत बाजार वालों ने पुलिस को फोन से रात 8:30 बजे की, लेकिन मौके पर कोई पुलिस जवान नहीं पहुंचा।
करीब एक घंटे बाद दोबारा फोन किया लेकिन पुलिस ने गाड़ी न होने का बहाना बताकर कोई कार्रवाई न की। इसके बाद ब्रह्मदास अपने तीनों बेटों और कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर राहजोल गांव में पहुंचा और वहां पर गंदी-गंदी गालियां निकाली और लोगों को जान से मारने की धमकियां दीं। इस पर गांव वालों ने इकट्ठा होकर इन लोगों को गांव से बाहर निकाला।
बाजार कमेटी के प्रधान कमलेश मिश्रा और पंचायत प्रधान संजीवन पटियाल और पीड़ित पक्ष समेत सभी ग्रामीणों ने पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। पुलिस अधीक्षक अजय बौद्ध का कहना है कि पुलिस ने लोगों की शिकायत पर मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।