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निष्कासित महिला वार्डन ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

Tue, 23 Feb 2016 06:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
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कारागार विभाग की कंडा जेल की महिला वार्डन ने आला अधिकारियों पर अपने सरकारी आवास में बुलाकर अभद्र व्यवहार करने और महिला कैदियों के निराधार आरोपों के चलते नौकरी से निष्कासित करने का आरोप लगाया है।
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महिला कर्मी का आरोप है कि उससे आठ घंटे के बजाय 10 से 12 घंटे तक सेवाएं लेकर शोषण किया गया। विभागीय उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री से वह न्याय को गुहार लगा चुकी है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिला है।

अब उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। महिला वार्डन कांता देवी पत्नी स्व. रूप लाल निवासी पलभू, कक्कड़ जिला हमीरपुर ने बताया कि पति की मौत के बाद अगस्त 2000 में कारागार विभाग ने उसे महिला वार्डन के पद पर नियुक्त किया।
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दिसंबर 2012 में उप कारागार हमीरपुर की महिला बंदी ने उस पर मारपीट का आरोप लगाया। महिला वार्डन ने जेल का राशन पुलिस कैंटीन हमीरपुर में रखने का विरोध किया। इसके चलते जेल अधिकारियों के कहने पर महिला कैदी ने वार्डन पर आरोप लगाए।

महिला का आराप है कि मामले की जांच किए बिना जेल अधिकारियों ने जनवरी 2013 को केंद्रीय कारागार कंडा ट्रांसफर कर दिया। महिला वार्डन का आरोप है कि यहां जेल अधीक्षक ने उसे अपने सरकारी आवास पर बुलाया। अधीक्षक ने उसके साथ अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न किया।

इसकी शिकायत उसने उच्चाधिकारियों से की, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसकी शिकायत उसने बालूगंज थाना में दर्ज करवाई। थाने में कोई कार्रवाई न होने पर उसने मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की। विभागीय अधिकारियों ने उस पर शिकायत वापस लेने को दबाव बनाया, लेकिन महिला वार्डन ने शिकायत वापस नहीं ली।

महिला का आरोप है कि महिला कैदियों ने जेल अधिकारियों के कहने पर ही उस पर झूठे आरोप लगाए हैं। महिला कैदियों ने वार्डन पर उनके करवाचौथ व्रत और मंगलसूत्र तोड़ने के आरोप लगाए, जबकि करवाचौथ के दिन वह अवकाश पर थी और महिला कैदियों के लिए जेल में मंगलसूत्र पहनने पर पाबंदी है।
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हालांकि, कैदियों ने माना है कि सभी आरोप उन्होंने जेल अधिकारियों के कहने पर लगाए, इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हुई है।

महिला वार्डन ने मामले को लेकर न्यायालय में अपील की है। मामला न्यायालय में पहुंच गया है। न्यायालय के जो भी आदेश होंगे, विभाग उनकी अनुपालना करेगा।

- आरएस भाटिया, निदेशक, जेल विभाग शिमला
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