शिमला में कारोबारी के चार साल के बेटे युग गुप्ता का दो साल बाद पेयजल टैंक से कंकाल मिलने के बाद अब हमीरपुर के आदित्य किडनैपिंग मामले में भी कई सवाल उठना शुरू हो गए हैं। पांच साल के आदित्य के परिजनों की धुक्क-धुक्की बढ़ने लगी है।
थाना सदर के अंतर्गत सलासी से गायब आदित्य का सुराग लगाने को पुलिस और सीआईडी टीम डेढ़ साल बाद भी खाली हाथ है। 15 फरवरी 2015 को खेलने गया आदित्य अचानक गायब हो गया था। अगले तीन सप्ताह तक हमीरपुर पुलिस ने गायब आदित्य की हर जगह तलाश की, लेकिन आदित्य का सुराग नहीं लग पाया। 8 मार्च 2015 को तीन सप्ताह बाद सीआईडी को मामले की जांच सौंपी गई।
16 माह की लंबी जांच के बाद गिरफ्तार किए एक युवक का नार्को टेस्ट करवाने को कोर्ट में अप्लाई किया, लेकिन युवक ने नार्को टेस्ट करवाने से मना कर दिया। अब सीआईडी दूसरे पहलुओं से मामले की जांच करने का हवाला दे रही है।
किसी भी व्यक्ति का नार्को टेस्ट बिना उसकी सहमति के नहीं होता। बाकायदा पुलिस या जांच एजेंसी को नार्को टेस्ट करवाने को कोर्ट में अप्लाई करना पड़ता है।
छात्र का करवाया पोलीग्राफी टेस्ट
आदित्य किडनैपिंग मामले में 5 अप्रैल 2015 को गिरफ्तार किए होटल मैनेजमेंट के छात्र का सीआईडी ने पोलीग्राफी टेस्ट करवाया, लेकिन टेस्ट में कुछ खास रिपोर्ट नहीं आया। सीआईडी ने नार्को टेस्ट के लिए अप्लाई किया, लेकिन गिरफ्तार युवक ने मना कर दिया। 17 माह बाद अब सीआईडी दूसरे पहलुओं से मामले की जांच में लगी है।
गिरफ्तार किए होटल मैनेजमेंट के छात्र ने नार्को टेस्ट करवाने से मना कर दिया है। अब सीआईडी दूसरे पहलुओं से मामले की जांच करेगी। मामले की जांच की जा रही है।
- बद्री सिंह, डीएसपी, एसआईटी इंचार्ज धर्मशाला