दियोटसिद्ध में चैत्र मेलों की ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों ने दो दुकानदारों पर जमकर लाठियां भांजी। पुलिस जवानों का गुस्सा दुकानदारों पर इस कद्र फूटा कि उन्होंने दिव्यांग को भी नहीं बख्शा। पीड़ित दुकानदारों ने इसकी ऑनलाइन शिकायत पुलिस हेडक्वार्टर शिमला में की है।
साथ ही, मामले को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम बड़सर भी सौंपा है। पीड़ितों ने प्रदेश सरकार से मामले की जांच कर आरोपी जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र न्याय न मिला तो वे मानव अधिकार आयोग में शिकायत करेंगे।
पीड़ित दुकानदार नरेश कुमार पुत्र बलदेव सिंह निवासी दलचेहड़ा 31 मार्च की रात करीब साढ़े 10 बजे दियोटसिद्ध के बैरियर नंबर एक के पास दूसरे व्यक्ति से बात कर रहा था। इस दौरान मेला ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अकारण उसे पीटना शुरू कर दिया।
नरेश के पड़ोसी जैसी राम पुत्र सुख राम गांव दलचेहड़ा ने उन्हें पिटाई करने से मना किया तो उन्होंने जैसी राम को भी पीटना शुरू कर दिया। जैसी राम टांग से अक्षम है, लेकिन जवानों ने डंडों से उसकी भी बेरहमी से पिटाई कर डाली। मारपीट में उनकी पीठ, टांगों और कंधे पर चोटें आई हैं।
दुकानदारों का आरोप है कि करीब पांच-छह पुलिसकर्मियों ने शराब पी हुई थी। वे उनके नाम नहीं जानते, लेकिन उन्हें पहचान सकते हैं। जैसी राम ने बताया कि वह बैरियर के नजदीक अस्थायी दुकान करता है। इस मारपीट में उसकी कमीज फट गई और जेब में रखे 14 हजार रुपये भी गायब हैं। दुकानदारों का आरोप है कि वारदात के बाद रात करीब डेढ़ बजे दो पुलिस कर्मी दोबारा दुकान में आए और उन्हें दुकान में फिर पीटा। इस दौरान पुलिस जवानों ने उनके बेटे लक्की और विक्की को भी मारा।
एसडीएम बड़सर अक्षय सूद का कहना है कि दुकानदारों ने पुलिस कर्मियों पर उनकी पिटाई करने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि डीएसपी बड़सर को मामले की जांच करने को कहा जाएगा।
एएसपी हमीरपुर शिव कुमार का कहना है कि दुकानदारों ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत की है। उन्होंने डीएसपी बड़सर को जांच के आदेश दिए हैं।