सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने पर दोषी को न्यायालय ने 3700 रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी ने वर्ष 2009 में सरकारी कुएं के निर्माण कार्य में बाधा पैदा की थी। इसके चलते दोषी को न्यायालय ने जुर्माना लगाया है।
कोर्ट नंबर तीन के न्यायाधीश निशांत वर्मा ने आरोपी को सजा सुनाई है। अमरजीत गांव कोटला डाकघर धनेड़ निवासी को न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत 3700 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
25 जून 2009 को पंचायत प्रधान सावका राज कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके गांव में मनरेगा के तहत कुंए बनाने का कार्य चला है। काम की देखरेख अमरो देवी उप प्रधान कर रही थीं।
निर्माण कार्य में 8-10 औरतों और कुछेक पुरुष लगे थे। इस दौरान अमरजीत शराब के नशे में धुत होकर कार्य स्थल पर पहुंचा और गंदी-गंदी गालियां देेने लगा। मनरेगा मजदूरों को निर्माण कार्य करने से रोकने लगा।
इस दौरान वह लोगों के साथ धक्का-मुक्की करने पर उतारू हो गया। पंचायत प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू की। मामला न्यायालय पहुंचा। यहां न्यायालय ने अमरजीत को दोषी करार देते हुए 3700 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मामले की छानबीन एएसआई विशंबर दास ने की है जबकि पैरवी भूपेंद्र शर्मा ने की है।