एनआईटी हमीरपुर के छात्र की हृदय गति रुकने से मौत मामले में मृतक की माता ने संस्थान और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, विदेशमंत्री, मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और उपायुक्त हमीरपुर से की है।
केंद्र ओर प्रदेश सरकार के माननीयों को पत्र लिखकर मृतक की माता ने कहा कि अगर 15 दिन के भीतर इस मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच न कार्रवाई तो वह आत्मदाह कर लेंगी। मृतक की माता पूनम वाष्णेय ने कहा कि उसका बेटा राजेश कुमार एनआईटी हमीरपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन एमटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था।
राजेश की मौत हृदय गति रुकने से नहीं बल्कि संदिग्ध अवस्था में हुई है। मृतक की माता का आरोप है कि एनआईटी में स्थित अस्पताल में उसे खाली पेट पेन किलर इंजेक्शन दे दिया गया। इतना ही नहीं इसके बाद उसे अस्पताल स्टाफ क्षेत्रीय अस्पताल लेकर नहीं आया।
ऐसे में उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में उपचार के लिए पैदल चलना पड़ा जबकि हार्ट अटैक मरीज को पैदल नहीं चलाया जाता। क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचने के आधा घंटा बाद भी उसे उपचार नहीं मिला।
मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच के लिए मंडी भेजी गई, जो राष्ट्र स्तरीय लैब में भेजी जानी चाहिए थी। मृतका की मां ने एनआईटी हमीरपुर के डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक की मां पूनम ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपायुक्त हमीरपुर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।