हमीरपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदम सिंह ठाकुर की अदालत ने हत्या का प्रयास मामले में दोषी को चार साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी सलामदीन पुत्र बाजूदीन गांव जगरोट डाकघर धलूं तहसील एवं थाना बंगाणा जिला ऊना का रहने वाला है। न्यायालय ने सलामदीन को भादंसं की धारा 307 में चार साल के कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माना और जुर्माना न भरने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। जबकि भादंसं की धारा 452 में एक साल का कठोर कारावास और 3000 रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
जिला उप न्यायवादी अनुज शर्मा ने बताया कि छह वर्ष पूर्व 19 अगस्त 2012 को हमीरपुर जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव शस्त्र की रहने वाली वीरो बीबी पत्नी शेर मोहम्मद ने थाना हमीरपुर में मामला दर्ज करवाया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी जानकारी में बताया था कि ऊना जिला के रहने वाले सलामदीन की सगाई उनकी बेटी के साथ हुई थी। आरोपी रोजाना फोन कर कहता था कि अपनी बेटी से बात करवाओ, लेकिन बेटी फोन पर बात नहीं करना चाहती थी। इस पर सलामदीन ने फोन पर ही धमकियां देना शुरू कर दिया कि अगर बात नहीं करवाएंगे तो वह उनके आंगन में आकर खुद मर जाएगा या किसी को मार देगा। डर के मारे उन्होंने अपनी बेटी की सगाई तोड़ दी। जिस पर 18 और 19 अगस्त 2012 की रात करीब दो बजे जब उसका पति शेर मोहम्मद घर के बरामदे में चारपाई पर सोया हुआ था तो सलामदीन ने उनके घर पहुंचकर उनके पति पर दराट से सिर पर वार कर दिया। पति के चिल्लाने पर वह जाग गए और उन्होंने सलामदीन को मौके से भागते हुए देखा। इस पर पुलिस थाना हमीरपुर में मामला दर्ज हुआ। इस मामले की छानबीन पुलिस के उपनिरीक्षक अमर सिंह और मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया ने की।