हमीरपुर। जिला हमीरपुर में नशा माफिया पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। जिला की युवा पीढ़ी को महंगे नशे जिसमें चिट्टा, चरस और अफीम ने बुरी तरह से जकड़ लिया है। नशे के इस कारोबार में स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाली युवतियां भी शामिल हैं। नशा कारोबारियों के तार पंजाब से लेकर उत्तरप्रदेश तक जुड़े हैं। जनवरी से लेकर अगस्त तक महज आठ महीनों में एनडीपीएस के करीब 38 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं नशे के खिलाफ जिला पुलिस के अभियान के कारण अभी तक 45 लोग सलाखों के पीछे हैं। जिला में एनडीपीएस के सबसे अधिक 17 मामले जिला मुख्यालय हमीरपुर में पकड़े जा चुके हैं। जबकि पुलिस थाना सुजानपुर में एनडीपीएस के 4, बड़सर और भोरंज में 3-3 और नादौन में अभी तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। हमीरपुर सदर पुलिस ने ड्रग के मामलों में 24 लोगों को नशे के साथ हमीरपुर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। नादौन में 11 लोग, भोरंज ने 4, जबकि बड़सर और सुजानपुर में 3-3 लोग रंगे हाथों गिरफ्तार हो चुके हैं।
जिला पुलिस 38 मामलों में 2.25 किलोग्राम चरस, आधा किलो से अधिक चिट्टा और 278 ग्राम से अधिक अफीम को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर चुकी है। इसके अलावा प्रतिबंधित सिरप कोरेक्स की 146 बोतलें और अलपरेक्सजोल के 168 कैप्सूल भी बड़सर और नादौन में बरामद हो चुके हैं। जिला पुलिस अब थाना और पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियां गठित कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही है। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने आठ माह में बेहतर कार्य करते हुए 38 मामलों में 44 लोगों को नशे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है।
क्या बड़े संस्थानों के छात्र हैं कमाई का जरिया
जिला हमीरपुर में महज आठ माह में तीन दर्जन से अधिक एनडीपीएस के मामले सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हमीरपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, पोलीटेक्निकल कॉलेज, आधा दर्जन से अधिक निजी और सरकारी कॉलेज, प्राइवेट यूनिवर्सिटी, दो दर्जन कोचिंग सेंटर, प्राईवेट इंजीनियरिंग और मैनजमेंट कॉलेज हैं। इन संस्थानों में प्रदेश से बाहर के बच्चे भी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। ड्रग माफिया शिक्षण संस्थानों में पढ़ रही युवा पीढ़ी को अपने कारोबार का जरिया बना रहा है।