टौणी देवी (हमीरपुर)। स्थानीय कस्बे की एक महिला ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डा. राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर भेजा लेकिन, मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग में चिकित्सक न होने के कारण वहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा भेज दिया। जिससे ग्रामीण और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है।
टौणी देवी निवासी तृप्ता देवी (52) पत्नी सुभाष चंद ने मंगलवार शाम को कमरे के अंदर फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि महिला कुछ अरसे से मानसिक रूप में परेशान चल रही थीं। एक साल के भीतर उसकी दो बेटियों की आकस्मिक मौत ने उसे झकझोर दिया था। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। उसका पति गुग्गा नवमी पर रोट चढ़ाने कोल्हू सिद्ध मंदिर गया हुआ था। जब वह घर पहुंचा तो देखा कि उसकी पत्नी कमरे में फंदे से लटकी थी। वह अपने पीछे पति और बेटा छोड़ गई है। पुलिस ने मामला दर्जकर पोस्टमार्टम के लिए बीते मंगलवार को ही शव को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया लेकिन, बुधवार दोपहर तक भी शव का यहां पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। इस कारण शाम को शव को टांडा भेज दिया है। दो बेटियों के बाद अब मां की मौत से सभी गमगीन हैं। महिला के पति बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए हैं।
टौणी देवी चौकी प्रभारी ज्ञान चंद का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल वर्मा का कहना है कि अस्पताल के फोरेंसिक विभाग में चिकित्सक न होने के कारण शव को टांडा भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही फोरेंसिक विभाग के चिकित्सक ने नौकरी छोड़ दी थी।