सस्ते राशन की दुकानों में इस माह भी रिफाइंड तेल देरी से पहुंचेगा। सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के गोदामों में रिफाइंड को छोड़ राशन की सप्लाई पहुंचना शुरू हो गई है। हालांकि, अब तक रिफाइंड की आपूर्ति न होने से डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
जिला में अक्तूबर 2015 से राशनकार्ड धारकों को एक साथ पूरा राशन नहीं मिल रहा है। कभी दालों का कोटा अगले माह मिल रहा है तो कभी चीनी का कोटा तीन माह का एक साथ मिल रहा है। डिपुओं में पूरा राशन न मिलने से उपभोक्ताओं को आधा राशन बाजार से महंगी दरों पर खरीदना पड़ रहा है।
मार्च के राशन कोटे की सप्लाई निगम के गोदामों में पहुंचना शुरू हो गई है। आठ गोदामों में 40 से 45 फीसदी आटा, चावल, दालें, नमक और चीनी की सप्लाई पहुंच गई है। कई डिपुओं में राशन की सप्लाई शुरू भी कर दी गई है। हालंकि, अब तक रिफाइंड की सप्लाई न पहुंचने से तेल के कोटे पर संकट दिख रहा है।
राशनकार्ड धारकों में कर्मचंद, दिले राम, हरीश चंद, ठुणिया राम, बख्शी राम, करतार चंद आदि का कहना है कि आधा-अधूरा राशन मिलने से उन्हें बाजार से महंगे दाम पर राशन खरीदना पड़ रहा है।
उधर, डीएफसी जेसी वर्मा का कहना है कि राशन का 45 फीसदी कोटा गोदामों में पहुंच चुका है। रिफाइंड की सप्लाई भी जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है।