लोग बोले-बंद विद्यालयों में आंगनबाड़ी या सामाजिक केंद्र शुरू करे सरकार
स्कूल में दो वर्ष पूर्व कम विद्यार्थियों की संख्या के चलते लटक चुका है ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगू (हमीरपुर)। कम छात्र संख्या के चलते बंद सरकारी स्कूलों के भवन खंडहर में तबदील हो रहे हैं। इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से प्रत्येक गांव में स्कूल खोले थे। शिक्षा विभाग की ओर से इन पर लाखों रुपये खर्च किए गए पर अब कई स्कूलों को बंद करना पड़ा है। उपमंडल नादौन के तरकेड़ी गांव का प्राथमिक विद्यालय पिछले दो वर्षों से कम छात्र संख्या होने के कारण बंद पड़ा है। इसका भवन लगातार जर्जर हो रहा है। स्कूल सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में नशेडिय़ों का अड्डा बनता जा रहा है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला तरकेड़ी के सभी चार कमरों के दरवाजे टूटने पर समस्त ग्रामवासियों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों राम प्रकाश, हरदेव, दिनेश, कार्तिक आदि ने कहा कि हर वर्ष जून में गांव के लोग सामूहिक भंडारे का आयोजन करते हैं, जो स्कूल के साथ लगते सार्वजनिक भवन में किया जाता है। रविवार को जब ग्रामवासी स्कूल भवन के आसपास साफ सफाई करने गए तो उन्होंने देखा कि स्कूल के सभी कमरों के दरवाजे टूटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राथमिक विद्यालय बटराण के अंतर्गत आता है। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से भी आग्रह किया है कि इस विद्यालय भवन को आंगनबाड़ी, महिला मंडल, युवक मंडल अथवा ग्राम सुधार सभा को समर्पित करें ताकि इस भव्य भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस बारे में दंगड़ी पंचायत प्रधान अनीता देवी ने कहा कि उन्होंने शिक्षा विभाग से स्कूल भवन में आंगनबाड़ी केंद्र चलाने की मांग की थी लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई भी निर्देश नहीं आए हैं।
समाचार: बवीता चंदेल: संजीव बॉबी