हमीरपुर। जिला हमीरपुर में जागरूकता के बावजूद आए दिन लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही मामला बुधवार को पुलिस थाना हमीरपुर के तहत सामने आया। हमीरपुर निवासी एक कारोबारी शातिरों के झांसे में आकर 83 हजार रुपये की रकम लुटा बैठा। ठगी का पता चलने पर कारोबारी के पांव तले जमीन खिसक गई। कारोबारी ने साइबर क्राइम सेल और पुलिस थाना हमीरपुर में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। हमीरपुर निवासी कारोबारी ने बताया कि वह पेवर टाइलों, सीमेंट और निर्माण सामग्री का कारोबार करता है। उनके फोन पर एक व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने घर का काम लगाया हुआ है।
ऐसे में उसे पेवर टाइल्स की आवश्यकता है। शातिर ने कारोबारी को टाइलों का ऑर्डर देकर इसके बिल के भुगतान के बारे में जानकारी जुटाई और कहा कि वह उसे 1.17 लाख रुपये बिल का ऑनलाइन भुगतान कर रहा है। कारोबारी का खाता नंबर हासिल करने के बाद शातिर ने पहले एक रुपये ट्रांसफर किया और कारोबारी को पूछा कि खाते में एक रुपया आया है या नहीं। इसके बाद शातिर ने बैंक से आने वाले मैसेज की तर्ज पर एक जाली मैसेज अपने निजी मोबाइल नंबर से कारोबारी को भेज दिया। इसमें दो लाख रुपये खाते में जमा होने का जिक्र था। इसके बाद शातिर ने कारोबारी को फोन किया कि गलती से उनके खाते से दो लाख रुपये निकल गए हैं। ऐसे में वह अपनी टाइलों की रकम 1.17 लाख रुपये काटकर शेष राशि ऑनलाइन जमा करवा दें। शातिर की बातों में फंसकर कारोबारी ने 25-25 हजार रुपये की तीन ट्रांजेक्शन और आठ हजार रुपये की एक ट्रांजेक्शन से शातिर के खाते में कुल 83 हजार रुपये राशि जमा करवा दी। जब कारोबारी ने ध्यान से अपना मोबाइल चेक किया तो पाया कि उसके खाते में तो फोन करने वाले ग्राहक ने कोई राशि जमा नहीं करवाई है।
मोबाइल पर आया मैसेज बैंक के बजाय शातिर ने अपने निजी नंबर से भेजा था। अपने साथ हुई ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस समय-समय पर लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में जागरूक कर रही है। इसके बावजूद कुछ पढ़े-लिखे लोग शातिरों के झांसे में आकर ठगी के शिकार हो रहे हैं। मोबाइल पर आने वाले मैसेज की गहनता से जांच करने के बाद ही आगामी कदम उठाना चाहिए। मोबाइल फोन पर किसी सामान का ऑर्डर आने पर ग्राहक के बारे में पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए।