हमीरपुर। सरकारी धनराशि का गबन करने वाले जिला परिषद कैडर के कर्मचारी को जिला पंचायती राज विभाग ने अब चार्जशीट कर दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला पंचायती राज विभाग ने संबंधित कर्मचारी से पंद्रह दिन के भीतर नोटिस का जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगामी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला पंचायती राज विभाग हमीरपुर में सेवारत जिला परिषद कैडर के कर्मचारी ने सरकारी खजाने से क्रमश: चार और एक लाख रुपये अपने एक दोस्त के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। संबंधित कर्मचारी ने इस कार्य को इतनी चालाकी से अंजाम दिया कि आम व्यक्ति की पकड़ में यह जालसाजी नहीं आ पाई। संबंधित कर्मचारी ने एक टेंडर कार्य के बदले फंड ट्रांसफर बताकर इसकी सरकारी रजिस्टर पर प्रवृष्टि की थी लेकिन ऑडिट विभाग के विशेषज्ञों ने इस वित्तीय गड़बड़ी का भंडाफोड कर दिया। जांच में पता चला कि जिस व्यक्ति के खाते में यह धनराशि जमा हुई है वह कोई ठेकेदार नहीं बल्कि एनआईटी हमीरपुर का एक कर्मचारी है। मामले का पटाक्षेप होने के बाद दो लाख रुपये की राशि संबंधित कर्मचारी ने सरकारी खजाने में वापस जमा करवा दी है। जबकि शेष राशि के लिए उसने कुछ समय की मोहल्लत मांगी है। जांच में पाया गया कि संबंधित कर्मचारी ने इस पैसे से नई कार खरीदी है और कार खरीदने की खुशी में कार्यालय में मिठाई-समोसे भी खिलाए गए लेकिन अब संबंधित कर्मचारी पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
उधर, जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर शशि बाला ने कहा कि निलंबन के बाद अब संबंधित जिला परिषद कैडर के कर्मचारी को चार्जशीट कर दिया गया है। नोटिस जारी किया गया है, जिसका पंद्रह दिन के भीतर जवाब देने के आदेश दिए हैं। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।