डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एंट्री गेट पर शीशे की जगह लगाया कागज का गत्ता। संवाद
हमीरपुर। सर्दियों की मौसम शुरू हो चुका है और कड़ाके की ठंड पर रही है। इसी बीच डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड के दरवाजे के टूटे हुए शीशे को बदलने की बजाय प्रबंधन ने गत्ता लगा दिया है। इससे ठंडी हवा वार्ड में प्रवेश कर रही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के इसी दरवाजे के सामने आंतरिक रोगी विभाग के वार्ड हैं। इनमें महिलाओं और पुरुषों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। दरवाजे के अंदर मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार ठहरते हैं। गत्ते से ठंडी हवा नहीं रुकती जिस कारण मरीज भी कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। रात के समय मरीजों को और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मरीजों सुरेश कुमार, बबलू, विजय, संतोष, कनिका, ममता आदि ने कहा कि यहां से दिनभर ठंडी हवा आती रहती है। दिन में तो फिर भी ठंड सहन हो जाती है, लेकिन रात के समय खासी परेशानी होती है, क्योंकि रात को वार्ड में जगह नहीं होती है। दरवाजा भी खुला होता है और बाहर से ठंडी हवा सीधे वार्डों में आती है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जिलाभर से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। गंभीर स्थिति में मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जाता है, मगर इस अव्यवस्था के कारण सर्दी के मौसम में मरीजों के साथ ही तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
उधर, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि दरवाजे की मरम्मत के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द शीशा लगाया जाएगा, ताकि मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।