बाबा लखमीर दास के झंड़ा गाड़ने से पड़ा गांव का नाम झंडवीं
संवाद न्यूज एजेंसी
जाहू (हमीरपुर)। भोरंज उपमंडल की लुद्दर महादेव पंचायत के झंडवीं गांव में 14 अप्रैल को भंडारे का आयोजन होगा। आयोजक सेवानिवृत्त कला अध्यापक कश्मीर सिंह सुमन, सुरेंद्र कुमार, स्वरूप कुमार, रिखी राम व अन्य ने बताया कि बाबा लखमीर दास की कृपा से झंडवीं गांव में प्रत्येक घर से लोग नौकरी कर रहे हैं। गांव में बने मंदिर में लोगों की विशेष आस्था है। 13 अप्रैल शाम को वृंदावन के रागी भजन कीर्तन करेंगे तथा 14 अप्रैल को मंदिर में झंडा चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। यहां पर हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी के लोग अपनी आस्था को लेकर पहुंचते हैं। बताया जाता है कि इस गांव का नाम गुरु नानक देव के वंशज और बाबा लखमीर दास के आने से पड़ा है। बाबा लखमीर दास गर्मी के मौसम में पहाडी क्षेत्र की यात्रा पर अपने भक्तों के साथ आते थे और गांव-गांव ठहर कर लोगों को अपना आशीर्वाद देते थे। इसी तरह यहां झंडा गाड़कर अपने अनुयायिओं के साथ रात्रि ठहराव कर भजन कीर्तन करते थे। इसी पर गांव का नाम बाद में झंडवीं रखा गया है। उन दिनों गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत थी। एक भक्त की मांग पर यहां पर बाबा लखमीर दास में धरती पर चिमटा गाड़ा और इससे यहां पर पानी का प्रवाह फूट गया। ग्रामीणों की ओर से इस स्थान पर बावड़ी का निर्माण किया है। इसमें साल भर पानी रहता है। इस खुशी में ग्रामीणों ने झंडवीं गांव में बाबा लखमीर दास के मंदिर का निर्माण किया है और हर वर्ष 13 व 14 अप्रैल को भंडारे का आयोजन किया जाता है।