हमीरपुर। कभी एटीएम कार्ड बंद होने, कभी लॉटरी तो कभी बिजली बिल के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने अब सब्जी विक्रेताओं को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामला हमीरपुर में भी सामने आया है। खुद को भारतीय सेना का सूबेदार बताने वाले एक शातिर ने हमीरपुर में फल विक्रेता को लूटने का प्रयास किया। अमन कुमार नाम के एक ठग ने हमीरपुर में ठेले पर फल बेचने वाले दिनेश कुमार को फोन किया। शातिर ने बताया कि हमीरपुर में सेना का एक बड़ा कार्यक्रम है। इसके चलते उन्हें बड़ी मात्रा में फल चाहिए। ठग ने दिनेश कुमार से पहले व्हाट्सएप नंबर लिया और उसके बाद गूगल पे अकाउंट नंबर मांगा।
इसके बाद शातिर ने व्हाट्सएप पर दिनेश कुमार को एक सूची भेजी। इसमें केले 40 दर्जन, सेब 25 किलोग्राम, अनार 20 किलोग्राम, कीवी 60 पीस, पपीता 15 किलोग्राम, नाशपाती 15 किलोग्राम और अंगूर 10 डिब्बे का ऑर्डर लिखा हुआ था। दिनेश कुमार ने पूछा कि वह कैसे मान लें कि आप भारतीय सेना में हो तो शातिर ने अमन कुमार नाम का एक सीएसडी कैंटीन का कार्ड व्हाट्सएप पर भेज दिया। दिनेश उसके झांसे में आ गया और फल मंडी से सूची में बताया सारा सामान सत्तरह हजार रुपये में खरीद लाया। इसके बाद दिनेश कुमार ने शातिर को बिल बनाकर व्हाट्सएप कर दिया। शातिर ने कहा कि गूगल-पे अकाउंट को चेक करने के लिए आप दो रुपये भेजो।
फल विक्रेता ने जब दो रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया तो शातिर ने उसे वापस चार रुपये का भुगतान कर दिया। सब्जी विक्रेता उसके झांसे में आने ही वाला था कि शातिर ने कहा कि वह 10 हजार रुपये गूगल-पे करे और सेना से उसके खाते में ऑनलाइन 27 हजार रुपये का भुगतान हो जाएगा। जब फल विक्रेता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो शातिर उसे वीडियो कॉल करने लग पड़ा, लेकिन फल विक्रेता उसकी चालाकी समझ गया और भुगतान नहीं किया। इस तरह वह ठगी का शिकार होने से बच गया। कुछ माह पहले ही हमीरपुर के एक चिकन विक्रेता को भी इसी तरह मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से 50 किलो कड़कनाथ मुर्गे के चिकन का ऑर्डर आया था। विक्रेता ने चिकन मंगवा लिया, लेकिन शातिर उससे पहले ऑनलाइन भुगतान करने की मांग करने लगे। चिकन विक्रेता भी ठगी का शिकार होने से बच गया।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि साइबर क्राइम के मामलों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। मोबाइल पर आने वाले इस तरह के मेसेज से सतर्क रहना जरूरी है। एएसपी ने कहा कि मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना खाता नंबर या एटीएम नंबर की कोई भी जानकारी साझा न करें।