हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र जार की उपस्थिति में कां?
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हमीरपुर। तीन दिन की माथापच्ची के बाद कांग्रेस हाईकमान ने वीरवार को हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। यहां से दो पूर्व विधायकों समेत एक दर्जन टिकटार्थियों का नंबर काटकर भाजपा से संबंधित युवा चेहरे आशीष शर्मा को टिकट दिया गया है। आशीष शर्मा हिमाचल प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य हैं। वह पहले भाजपा से टिकट की मांग कर रहे थे। दिल्ली में आयोजित केंद्रीय चुनाव समिति में उनके नाम की चर्चा भी हुई, लेकिन भाजपा में कुछ लोगों के विरोध के चलते उन्हें टिकट नहीं मिला। भाजपा ने वर्तमान विधायक नरेंद्र ठाकुर को ही हमीरपुर से टिकट देकर आशीष शर्मा का नाम पैनल से हटा दिया। इससे नाराज चल रहे आशीष शर्मा ने अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
आशीष शर्मा का परिवार भाजपा से संबंधित है, जबकि सास और ससुर की पृष्ठभूमि कांग्रेस की है। ससुर राजेंद्र जार वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के अध्यक्ष हैं। वह बीसीसीआई के वाइस चेयरमैन भी रहे हैं और उनकी गिनती पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के करीबियों में होती रही है। ससुर राजेंद्र जार और सास विद्या जार दोनों विधानसभा क्षेत्र बड़सर से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन, दोनों बार भाजपा प्रत्याशी से चुनाव हार गए।
अब दामाद भी कांग्रेस का दामन थामते हुए हमीरपुर विस क्षेत्र से चुनावी जंग में कूद गए हैं। हालांकि, कुछ समय पहले आशीष शर्मा ने भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। लेकिन, कांग्रेस की टिकट मिलने के बाद उनका मुकाबला अब भाजपा के वर्तमान विधायक नरेंद्र ठाकुर से होगा।