एनआईटी हमीरपुर में माइंड 2023 अंर्तराष्ट्रीय सेमिनार के समापन पर मुख्यातिथि, आयोजक एवं प्रतिभाग
हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर में दो दिवसीय मांइड 2023 अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में पहुंचे। उन्होंने सम्मेलन पर अपने विचार साझा किए और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी के लिए एनआईटी हमीरपुर को बधाई दी।स्पेन के कार्लोस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एना इग्लेसियस ने प्रौद्योगिकी की उपयोगिता को लेकर विचार रखे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के विषय को लेकर वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। एआई में मानवीय पहलुओं का क्या महत्व है, इसे लेकर भी प्रतिभागियों से चर्चा की। कार्यशाला के तकनीकी सत्र और शोध पत्र शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। अंतिम दिन सेमिनार में 20 के करीब शोधपत्र प्रस्तुत हुए। सम्मेलन में नवीनतम शोध पर प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें परीक्षण जानकारी से मधुमेह का स्वचालित पता लगाने, चित्रों से आलू की फसल के रोगों का पता लगाने और नेटवर्क सुरक्षा में सुधार के लिए एक्रिप्शन तकनीकों पर शोध पत्र मुख्य रूप से चर्चा में रहे। एसओसीआईएस नई दिल्ली से प्रोफेसर दिवाकर यादव ने मशीन लर्निंग अवधारणाओं में प्रतिभागियों से चर्चा की। दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से प्रोफेसर दिनेश विश्वकर्मा ने क्षेत्र में समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर एचएम सूर्यवंशी, रजिस्ट्रार डाॅ. अर्चना नानोटी, डीन फेकल्टी प्रो अनूप कुमार, आयोजन चेयरमैन नवीन चौहान और आयोजन सचिव डाॅ राजीव, डाॅ अरुण यादव व डाॅ. मोहित उपस्थित रहे।
प्रतिष्ठित स्प्रिंगर की सीसीआईएस शृंखला में प्रकाशित होंगे सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र
सेमिनार के पांचवें संस्करण के बेहतर रिसर्च पेपर को प्रतिष्ठित स्प्रिंगर की सीसीआईएस शृंखला में प्रकाशित किया जाएगा। स्प्रिंगर विज्ञान के क्षेत्र की गतिविधियों को प्रकाशित करने वाली संस्था है। इस सेमिनार के चार संस्करण का आयोजन देशभर के अन्य राष्ट्रीय स्तर के संस्थान कर चुके हैं। इस बार यह मौका एनआईटी हमीरपुर को मिला था। भारत के साथ ही जापान, स्पेन, बांग्लादेश, श्रीलंका, नाइजीरिया, फिनलैंड, इथोपिया सहित 10 देशों के नामी शैक्षणिक संस्थाओं के शोधार्थियों ने इस सेमिनार में हिस्सा लिया है।