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17 दिन बाद मिली स्पीड पोस्ट

Tue, 28 Oct 2014 05:33 AM IST
Hamirpur
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हमीरपुर। डाक विभाग की लेटलतीफी एक व्यक्ति पर भारी पड़ गई है। जरूरी सामान व कागजात की गुजरात से की गई स्पीड पोस्ट छह दिन की बजाय 17 दिन बाद व्यक्ति को मिली है। इससे संबंधित व्यक्ति को जहां आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं समय पर डिलीवरी न मिलने से मानसिक परेशानी भी हुई है। वार्ड नंबर चार, हमीरपुर के आरएस आचार्य का कहना है कि उनके करीबी अश्वनी भारद्वाज ने उन्हें गुजराज से एक स्पीड पोस्ट की थी। इसमें जरूरी कागजात और सामान था। इसे अश्वनी भारद्वाज ने छह अक्तूबर को गुजरात से स्पीड पोस्ट किया। हालांकि स्पीड पोस्ट छह दिन बाद यानी 12 से 13 अक्तूबर तक हमीरपुर पहुंच जानी चाहिए थी, लेकिन विभाग की लेट लतीफी के चलते स्पीड पोस्ट 24 अक्तूबर को हमीरपुर पहुंची। आरएस आचार्य का कहना है कि स्पीड पोस्ट में जरूरी कागजात व सामान भेजा गया था, जो देरी से उन्हें डिलीवर होने से न के बराबर है। उन्होंने बताया कि स्पीड पोस्ट समय पर डिलीवर न होने से वह रोजाना डाकघर के चक्कर काट रहे थे। हालांकि स्पीड पोस्ट में जरूरी कागजात व सामान था। ऐसे में सामान के गुम होने की चिंता भी सताए जा रही थी। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों से मांग की है कि स्पीड पोस्ट के देरी से पहुंचने के कारणों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, मुख्य पोस्टमास्टर हमीरपुर रजनीश कुमार का कहना है कि गुजरात से हमीरपुर स्पीड पोस्ट छह से सात दिन में डिलीवर हो जानी चाहिए। स्पीड पोस्ट देरी से क्यों पहुंची, इसकी जांच की जाएगी। इसमें जो कोई दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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