भोरंज (हमीरपुर)। पुलिस थाना भोरंज के तहत पड़ते नगरोटा गाजियां गांव में हुए अग्निकांड में 65 फीसदी झुलसे पति की भी बुधवार सुबह पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई है। अग्निकांड के 14 दिन बाद योगेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले योगेश की पत्नी शिल्पा की घटना के अगली सुबह डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल टांडा तथा योगेश के बेटे विवेन की घटना के छठे दिन पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। 13 जुलाई 2018 को नगरोटा गाजियां में योगेश पुत्र विशन दास के घर अग्निकांड में योगेश, उसकी पत्नी शिल्पा और साढ़े तीन वर्षीय बेटा विवेन बुरी तरह झुलस गए थे। 14 जुलाई को शिल्पा ने टांडा में दम तोड़ दिया। इसके बाद 17 जुलाई को बेटे विवेन ने भी पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया था। बुधवार को घटना के 14 दिनों बाद पीजीआई में योगेश ने भी दम तोड़ दिया है। इस अग्रिकांड ने एक परिवार के तीनों सदस्यों को मौत की नींद सुला दिया है। वहीं शिल्पा के मायका पक्ष ने ससुराल पर बेटी को प्रताड़ित करने और दहेज के लिए तंग करने के आरोप लगाए हैं। इस पर पुलिस शिल्पा की सास, जेठ और जेठानी को गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं। इस बारे में कार्यकारी एसएचओ थाना भोरंज राकेश कुमार का कहना है कि योगेश ने बुधवार सुबह पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मृतक शिल्पा की सास, जेठ, जेठानी को न्यायालय ने 31 तक ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा है।