अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल के तहत खोले गए तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पद सृजित नहीं किए गए हैं। पूर्व सरकार ने आठ माह पहले उपमंडल के चंबेह, दलचेहड़ा और टिक्कर राजपूतां में तीन आयुर्वेदिक अस्पताल खोले थे लेकिन इन अस्पतालों में डॉक्टर और दूसरे स्टाफ के पद स्वीकृत नहीं हो पाए। आयुर्वेद विभाग ने नए पदों की स्वीकृति के लिए सरकार को पत्र भेजा है। पूर्व सरकार ने बड़सर क्षेत्र के दलचेहड़ा, चंबेह और टिक्कर राजपूतां में तीन नए आयुर्वेदिक अस्पताल खोले हैं। पूर्व सरकार के समय सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल ने 12 अक्तूबर 2017 को इन अस्पतालों का उद्घाटन भी कर दिया। इस दौरान नजदीक के अस्पतालों से फार्मासिस्ट को डेपुटेशन पर लगा दिया लेकिन इसके बाद अस्पतालों में न डॉक्टर और न ही फार्मासिस्ट के पद सृजित हो पाए हैं। स्थानीय लोगों सतीश कुमार, राज कुमार, विजय कुमार, अनिल कुमार, कमल देव, रमेश चंद, विवेक कुमार सहित अन्यों का कहना है कि सरकार ने अस्पताल खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी तक सुविधाएं नहीं हैं। डॉक्टरों और सुविधाओं के अभाव में अस्पताल में आम आदमी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से चिकित्सकों के पद सृजित करने और सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सरिता राणा का कहना है कि नए खुले इन अस्पतालों में चिकित्सकों के पद सृजित करने को लेकर सरकार के पास स्वीकृति भेजी गई है। फिलहाल, अस्पतालों में डेपुटेशन पर फार्मासिस्ट लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अस्पतालों में चिकित्सकों को ज्वाइन के आदेश हो चुके हैं।