बैंकों में निरीक्षण अधिकारी हों नियुक्त : करतार
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की नियुक्ति का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। कांगड़ा प्राइमरी कृषिक एवं ग्रामीण विकास बैंक के पूर्व निदेशक करतार ठाकुर ने सरकारी और गैर सरकारी बैंकों में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की नियुक्ति का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंकों के अधिकारी चेयरमैन और निदेशक मंडल के सदस्यों को ढाल बनाकर गोलमाल करते हैं। इससे बैंकों को भारी वित्तीय हानि होती है। ठाकुर ने कहा कि बीओडी के सदस्य राजनीतिक होते हैं, जिनकी नियुक्ति पांच सालों के लिए होती है। अधिकतर बीओडी सदस्य बिना जांच पड़ताल के मजबूरी में लोन वितरित करने की सहमति प्रदान कर देते हैं। पूर्व निदेशक ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को ऋण चाहिए तो उन्हें तीन लाख ऋण की जगह साढ़े तीन लाख रुपये संपत्ति गिरवी रखनी होती है लेकिन वर्तमान में नियमों का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि अगर सारी जिम्मेदारी बैंक अधिकारियों के कंधों पर डाल दी जाए तो वह अपने नौकरी चले जाने के डर से कभी भी गलत तरीके से ऋण का आवंटन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बीओडी सदस्यों की जगह बैंकों में निरीक्षण अधिकारी नियुक्त करने चाहिए। निरीक्षक अगर हर माह निरीक्षण करेंगे और पूरी तहकीकात के बाद ही ऋण वितरित होंगे तो गोलमाल की संभावना न के बराबर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बैंक चेयरमैन और अधिकारी से जान पहचान का लाभ उठाकर गलत तरीके से लोन ले लेते हैं और बाद में किस्तें न भरने पर लोन को एनपीए में डाल देते हैं। इससे बैंक को घाटे का सामना करना पड़ता है।