हमीरपुर, कांगड़ा। हिमाचल में बेमौसमी बारिश और अंधड़ के बाद बीमारी के चलते इस सीजन आम की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। हमीरपुर जिले में 50 फीसदी फसल खराब हो गई जबकि कांगड़ा में 35 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। हमीरपुर में हर साल तीन हजार मिट्रिक टन के आसपास आम की पैदावार होती है लेकिन इस बार मौसम की मार के कारण 1650 मिट्रिक टन पैदावार का अनुसान है। वहीं, कांगड़ा में 24 हजार मीट्रिक टन आम की फसल का अनुमान था। इस बार बंपर फसल की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन मौसम के उतार-चढ़ाव में फसल को नुकसान पहुंचा। नूरपुर और इंदौरा के क्षेत्र में फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मार्च और अप्रैल माह में जब आम के पेड़ों पर फूल और अंकुर आने शुरू हुए थे तो तब भी अंधड़ के कारण काफी नुकसान हुआ था। आम के पेड़ों पर उगे फूल और अंकुर झड़ गए थे लेकिन अब आम की फसल को बीमारी लग गई है। जिससे इस बार आम की पैदावार 50 से 65 फीसदी तक रहने का अनुमान है। हमीरपुर में करीब आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर आम की फसल होती है। करीब 10,000 बागवान सीधे बागवानी से जुड़े हुए हैं। जो आम के अलावा लीची, नींबू और आंवाला आदि की पैदावार कर अपनी आर्थिक मजबूत कर रहे हैं। लेकिन इस बार उम्मीद के अनुरूप आम की फसल न होने से किसानों को आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मौसम की वजह से आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अब बीमारी के कारण भी आम की फसल में बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
डॉ. राजेश्वर सिंह परमार, उपनिदेशक, बागवानी विभाग हमीरपुर