फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: जिले में 38,739 विद्यार्थियों ने दी टर्म टू की परीक्षाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। जिले भर के 750 स्कूलों में शुक्रवार को पहली से नौंवी और जमा एक के 38,739 विद्यार्थियों ने टर्म टू की परीक्षाएं दीं। जिसमें पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के 27,413 विद्यार्थियों ने सुबह 10 बजे से एक बजे तक, जबकि नौवीं और जमा एक कक्षा के 11,326 विद्यार्थियों ने दोपहर दो बजे से पांच बजे तक परीक्षा दी।
विज्ञापन

प्रारंभिक शिक्षा और उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर की ओर से टर्म टू की परीक्षाओं से पूर्व शिक्षकों को प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से निर्धारित नियमों के पालन करके परीक्षाएं लेने के निर्देश जारी किए गए थे।

शुक्रवार को पहली कक्षा के विद्यार्थियों ने गणित, दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों अंग्रेजी, तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने हिंदी, चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने अंग्रेजी, पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने पर्यावरण, छठी कक्षा के विद्यार्थियों ने हिंदी, सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने सामाजिक विज्ञान, आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने हिमाचल की लोक संस्कृति और योग, नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने अंग्रेजी और जमा एक कक्षा के विद्यार्थियों ने भी अंग्रेजी विषय की परीक्षा दी।
विज्ञापन

पहली से आठवीं कक्षा तक के 27,413 विद्यार्थियों की टर्म टू की परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। यह परीक्षाएं 17 मार्च तक चलेंगी। सभी स्कूल प्रमुखों को परीक्षाओं से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। -कुलभूषण राकेश, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।
नौवीं और जमा के कक्षा तक के 11,326 विद्यार्थियों ने अंग्रेजी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में ली गई। वहीं, निजी एवं सरकारी स्कूलों के अध्यापकों और विद्यार्थियों को परीक्षा से 20 मिनट पूर्व आने और परीक्षा के लिए 15 मिनट पहले प्रवेश देने के निर्देश जारी किए गए थे।
-बीडी शर्मा, उपनिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर।
क्या कहते हैं परीक्षार्थी-
टर्म वन की परीक्षाओंं की अपेक्षा टर्म टू की पेपर ज्यादा अच्छा हुआ। टर्म के दौरान स्कूल में अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गई थी। जिसके चलते पेपर ज्यादा सही नहीं हो पाया था।
-मयंक, छात्र।
स्कूल में कक्षा सहित ऑनलाइन भी पढ़ाई करवाई जा रही है। जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ आ जाते है। पाठ पढ़ने से ज्यादा शीघ्र प्रैक्टिकल करके समझ आता है।
-आदिल, छात्र।
शिक्षकों ने कक्षा मेंं दो बार पाठ्यक्रम का रिवीजन करवा दिया था। जिससे पेपर देने में कोई भी परेशानी नहीं हुई। पेपर में कोई भी प्रश्र बाहर से नहीं आया था। आसानी से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दिया गया।
-हर्षित, छात्र।
पेपर 100 नंबर का आया था। जिसमें से छह विभिन्न प्रकार के प्रश्र पूछे गए थे। सभी प्रश्र आसान थे। 90 नंबर का पेपर हुआ। स्कूल अध्यापकों ने बढि़या से तैयारी करवाई थी।
-पलक भाटिया, छात्रा।
शुक्रवार को एक पेपर के बाद ही शनिवार को भी पेपर है और परीक्षा की तैयारी के लिए समय कम है। सेमेस्टर प्रणाली से पाठ्यक्रम का अधिक बोझ नहीं है और कम समय में भी सारा पाठ्यक्रम रिवीजन हो जाता है।
-कृतिका, छात्रा।
टर्म एक की परीक्षाओं के दौरान टूर्नांमेंट लगे हुए थे। जिसके चलते उन दिनों पेपरों की तैयारी नहीं हो पाई थी लेकिन अब स्कूल में शिक्षकों ने सभी सहपाठियों के साथ पूरा पाठ्यक्रम कवर करवा दिया।
विज्ञापन

-हरलीन, छात्रा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें