बिझड़ी (हमीरपुर)। पपलोहल क्षेत्र में नन्हें मुन्ने जंगल में भेड़ बकरियां चराने के साथ-साथ स्कूल का छुट्टियों के दौरान मिला होमवर्क भी कर रहे हैं। वीरवार को भी क्षेत्र के बच्चे भेड़ बकरियां चराने के साथ लिखने का काम करते दिखे। क्षेत्र में यह परंपरा काफी पुरानी है। कुछ घरों के बच्चे एक साथ जंगली चरागाह में भेड़ बकरियां चराने लेकर जाते हैं और इसके साथ-साथ स्कूल का थैला भी ले जाते हैं। प्रदेश में पशुपालन मुख्य व्यवसाय रहा है। पहले हर घर में पशु पाले जाते थे और इसी तरह सभी बच्चे पशु चराने के साथ बरसात की छुट्टियों में मिला होमवर्क किया करते थे।