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सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू न करने पर स्कूल प्रवक्ता संघ सरकार से खफा

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हमीरपुर। प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को दो वर्ष बीत जाने के बाद भी लागू न करने पर नाराजगी जताई है। संघ के महासचिव संजीव ठाकुर, जिला हमीरपुर के प्रधान तेज सिंह, महासचिव गौतम सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. प्रकाश चंद, सुरजीत कुमार, अजय शर्मा, कुलदीप कुमार और हरिदास ने कहा कि पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय अगस्त 2017 में आया था। पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठता की इस लड़ाई को विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर 20 वर्षों से भी अधिक समय तक न्यायालय में लड़ा और सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली इस व्यवस्था को असांविधानिक ठहराया था। प्रदेश सरकार ने जुलाई 2018 में कुछ पूर्व सैनिकों की संशोधित वरिष्ठता सूची जारी की। मगर उन्हें डिमोट नहीं किया और बाद में वह आदेश वापस ले लिए। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के विभिन्न विभागों के लाखों कर्मचारी आहत हैं। इस असांविधानिक निर्णय के कारण ही 70 फीसदी से अधिक उपशिक्षा निदेशक और 60 फीसदी से अधिक प्रधानाचार्य पूर्व सैनिक कोटे से हैं। इसी तरह प्रदेश के अन्य विभागों का भी यही हाल है। इस असांविधानिक प्रक्रिया से दी जाने वाली वरिष्ठता के कारण शिक्षा विभाग में प्रवक्ता जो वर्ष 1998 से कार्यरत हैं, अभी तक पदोन्नत नहीं हो सके हैं। स्कूूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश सरकार से आह्वान किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय को वर्ष 1998 से लागू किया जाए क्योंकि न्यायालय ने पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली वरिष्ठता को असांविधानिक करार दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय को आए 2 वर्ष का समय बीत गया है। मगर प्रदेश सरकार इस निर्णय को लागू नहीं कर पाई है। संघ ने इस पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने आगे की रणनीति सभी संगठनों के साथ मिलकर तय करने की योजना बनाई है।
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