बिना कोच कैसे निखरेंगी छात्रों में प्रतिभाएं
बड़सर कॉलेज में कोच का पद सृजित नहीं
खेल आयोजनों के लिए मैदान भी नहीं तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। राजकीय महाविद्यालय बड़सर में कोच या शारीरिक शिक्षक का पद सृजित नहीं हो पाया है। ऐसे में बिना कोच या शारीरिक शिक्षक के प्रतिभाओं का निखरना मुश्किल है। सरकार के खेलों में सुधार लाने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। खेल आयोजनों के लिए कॉलेज में खेल का मैदान भी तैयार नहीं है। कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने खेल मैदान तैयार करने और कोच का पद सृजित करने की मांग उठाई है। राजकीय महाविद्यालय बड़सर में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच या शारीरिक शिक्षक नहीं है। छात्र-छात्राओं के खेलने के लिए कॉलेज में मैदान भी पूरी तरह से तैयार नहीं है। इससे छात्र खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूल स्तर पर कई छात्र छात्राएं खेल आयोजनों में भाग लेते हैं। कॉलेज में दाखिल होने के बाद खेल मैदान और कोच के अभाव में कई प्रतिभाओं को उभरने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। कॉलेज छात्र आशीष कुमार, बंदना कुमारी, विनोद कुमार, मधु कुमारी, वर्षा रानी, ऊषा रानी, पूनम कुमारी, अमित कुमार, सुनील कुमार, अश्वनी कुमार, दीपक कुमार, संजय कुमार, सुरेश कुमार, रवि कुमार, ममता कुमारी, ज्योति, बंदना कुमारी, प्रियंका कुमारी, शालू, सविता और अंकिता का कहना है कि खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए कोच की आवश्यकता होती है, लेकिन कोच के अभाव में खिलाड़ी छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में अभी तक कोच या शारीरिक शिक्षक का पद ही सृजित नहीं है। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में कोच की नियुक्ति और खेल का मैदान तैयार करने की मांग की है। इस संबंध में कॉलेज प्रधानाचार्य मीना सूद ने कहा कि कॉलेज में कोच या शारीरिक शिक्षक का पद सृजित नहीं है। उन्होंने कहा कि नए पदों की स्वीकृति के बारे में सरकार ही निर्णय ले सकती है। मीना ने कहा कि खेल का मैदान जल्द तैयार करने के बारे में लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है।