हमीरपुर। फसल संरक्षण में सामने आए बेहतरीन परिणाम के चलते सोलर फेसिंग की तरफ किसानों का रुझान बढ़ने लगा है। हमीरपुर जिला में डेढ़ दर्जन किसानों ने सोलर फेंसिंग के लिए आवेदन किया है। आवेदनों में हो रही वृद्धि का एक प्रमुख कारण सब्सिडी राशि का बढ़ना भी है। पूर्व में सोलर फेंसिंग पर कृषि विभाग की तरफ से 60 फीसदी सब्सिडी मिलती थी। जो कुछ माह पहले ही 80 फीसदी हुई है। पूर्व में किसानों को कुल लागत का 40 फीसदी अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था। लेकिन अब सोलर फेंसिंग की कुल लागत का 20 फीसदी ही किसानों को देना पड़ रहा है। शेष 80 फीसदी खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है।सोलर फेंसिंग से लावारिस मवेशियों और जंगली जानवरों से फसल को सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है। स्टील वायर के छूने पर जानवरों को हलका करंट लगता है और वह तार को क्रॉस करने का प्रयास तक नहीं करते। सोलर फेंसिंग पर आने वाले सारे खर्च का भुगतान किसानों को चेक और बैंक ड्रॉफ्ट से ही करना है। कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सोलर फेंसिंग लगाने वाली कंपनी को कोई भी किसान किसी तरह का नकद और अग्रिम भुगतान न करे। इसके साथ ही सोलर पेनल और स्टील वायर में किसी तरह की दिक्कत को संबंधित कंपनी आगामी दो वर्ष तक निशुल्क ठीक करेगी। हमीरपुर के कुठेड़ा के गांव भाठी में प्रदेश की पहली सोलर फेंसिंग हुई है। हमीरपुर कृषि विभाग के एसएमएस अधिकारी डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि सोलर फेंसिंग के लिए सब्सिडी राशि को 60 से बढ़ाकर 80 फीसदी किया गया है। जिला में अब तक 19 आवेदन आ चुके हैं। कंपनी को सारी पेमेंट चेक और ड्रॉफ्ट से करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सोलर फेंसिंग कंपनी को कार्य समाप्ति के आगामी दो वर्ष तक सोलर फेंसिंग के लिए निशुल्क सेवाएं देनी होंगी।