समेज के बच्चों के सुरक्षित भविष्य और हर मानसून में उनके शरणार्थी बनने की मजबूरी को उजागर करती अमर उजाला की विशेष खोजी श्रृंखला का बड़ा असर सामने आया है। खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया और उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) निरमंड डॉ. जगदीप राठौर ने नए स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश जारी कर दिए हैं।
एसडीएम कार्यालय की ओर से 1 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र (क्रमांक 755-59/एसडीके) के अनुसार 4 जुलाई को पूर्वाह्न 11:00 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज के प्रस्तावित नए भवन स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। पत्र की प्रतिलिपि तहसीलदार निरमंड, संबंधित सहायक अभियंताओं और विद्यालय की प्रधानाचार्य को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अमर उजाला ने अपनी विशेष रिपोर्ट में प्रमुखता से उजागर किया था कि 1 अगस्त 2024 की प्रलयंकारी आपदा के दो वर्ष बाद भी सुरक्षित स्थान पर स्कूल भवन के लिए भूमि हस्तांतरित होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, हर बरसात में विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए महिला मंडल भवन और सत्संग भवन के छोटे कमरों में शिफ्ट होना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
रिपोर्ट में अभिभावकों, एसएमसी अध्यक्ष संदीप चौहान और स्थानीय लोगों की उस मांग को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसमें नए भवन का निर्माण तत्काल शुरू करने की अपील की गई थी। खबर प्रकाशित होने के कुछ ही समय बाद प्रशासन की ओर से संयुक्त निरीक्षण तय किए जाने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से कागजों में अटकी फाइल अब धरातल पर उतरने लगी है।