स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले की तुलना में झील में पानी काफी कम दिखाई दे रहा है। कम बारिश के कारण झील में पानी की प्राकृतिक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, रिसाव के कारण भी पानी कम होने की बात कही जा रही है। हालांकि, जलस्तर घटने के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच और नियमित निगरानी जरूरी है। करेरी झील के संरक्षण के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए जलस्तर की नियमित निगरानी, रिसाव के संभावित कारणों की जांच और झील के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर ध्यान देना होगा। यह झील केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक विरासत भी है।