बीते दिन ही पूछताछ में स्पष्ट हो गया था कि आरोपी चीनी पुलिस सेवा में रह चुका है। मंगलवार को पूछताछ में पता चला है कि चीनी नागरिक भारत आने से पहले मलयेशिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, तुर्की, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मिस्र की यात्रा कर चुका है। कई देशों की यात्रा करने के बाद उसने भारत में प्रवेश के लिए नेपाल सीमा का सहारा लिया। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या इन देशों की यात्रा के पीछे कोई कॉमन पैटर्न है या फिर कुछ और। यानी अब यह मामला केवल अवैध प्रवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसमें जासूसी और स्थानीय लापरवाही के एंगल से भी जांच की जा रही है।
हिमाचल पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खंगाल रही हैं। आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है, जिससे उसके डिलीट किए गए संदेशों और कॉल लॉग्स का पता लगाया जा सके। एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आरोपी चीन में बैठे किन हैंडलर्स के संपर्क में था और क्या उसने दलाई लामा के निवास या निर्वासित सरकार से जुड़ी कोई गुप्त सूचना साझा की है।
मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेज के रह रहे चीनी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। हिमाचल पुलिस के अलावा अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही हैं। पुलिस और विदेशी पंजीकरण कार्यालय को सूचना दिए बिना अपने निजी आवास में विदेशी नागरिक को ठहराने वाले स्थानीय व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -बीर बहादुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा